सिरसा। गायों से दूध के साथ-साथ गोबर और गौ अर्क भी प्राप्त करके कई प्रकार की दवाएं आदि बनाई जा सकती है। यदि किसान थोड़ी सी साकारात्मक सोच का प्रयोग कर गो संरक्षण का कार्य करे तो दूध के उत्पादन को 8 से 10 गुणा तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे प्रदेश में फिर से दूध-दही की नदियां बहने लगेगी।
यह बात सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव डा. अशोक तंवर ने उपमंडल डबवाली के गांव अबूबशहर की भगवान श्री कृष्ण गऊशाला में 3 लाख 50 हजार की लागत से बने नव निर्मित शैड का उद्घाटन करने के पश्चात उपस्थित लोगों व गौभक्तों को सम्बोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में डा. तंवर ने गौशाला के प्रधान चन्द्रभान भांभू व मदन भांभू को टै्रक्टर की चाबी सौंपी। सांसद तंवर ने गौशाला कमेटी को 1 लाख रूपए देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में गौ माता का दर्जा सबसे ऊंचा है, जिन घरों में गऊओं का वास होता है उन घरों में लक्ष्मी वास करती है और वो घर बिमारियों से सदैैव दूर रहते है। प्रदेश की गौशालाओं में गोबर व गौमूत्र से बिजली व गंैस उत्पादन के लिए केंद्रीय अक्षय ऊर्जा विभाग को एक नई परियोजना भेजी जाएगी जिससे सभी गौशालाओं में बिजली व गैंस उत्पादन के सयंत्र स्थापित किए जा सकेंगे। अक्षय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा गोबर गैस प्लांट स्थापित करने हेतु हरियाणा में करोड़ों रुपए की राशि प्रदान की गई है जिससे प्रदेश की कई गौशालाओं में गोबर गैस उत्पादन के लिए सयंत्र स्थापित करने का कार्य शुरु हो चुका है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार गाय के गोबर से अक्षय ऊर्जा भी पैदा की जा सकती है जिससे प्रदेश में बिजली की कमी को पूरा करके गौशालाओं से और अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पशुधन की संख्या एवं दुग्ध उत्पादन के मामले में भारतवर्ष दुनिया का सबसे पहला देश है। देश में दुनिया की कुल पशु संख्या का 16 प्रतिशत हिस्सा भारत में है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि प्रति व्यक्ति के हिसाब से पशु की संख्या के मामले में देश काफी देशों से पिछड़ा हुआ है इसलिए देश में गुणवत्ता के पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे देश में दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ गोबर व मूत्र के उत्पादों में वृद्धि होगी और लोगों के लिए पशु एक अच्छी आय का स्त्रोत बन पाएंगे। उन्होंने कहा कि पशुधन विशेषकर गौ संरक्षण के मामले में हरियाणा सरकार ने और आगे डग भरे है। राज्य सरकार ने प्रदेश में गौ सेवा आयोग गठित करने की घोषणा की है यह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी गौशालाएं सिरसा संसदीय क्षेत्र में है। इसलिए गौ संरक्षण के मामले में सबसे अधिक लाभ सिरसा को ही मिलने वाला है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी डा. केवी सिंह ने कहा कि गोबर धन भारत की समृद्धि में एक नया आयाम स्थापित कर सकता है। राष्ट्र के पास 40 करोड़ टन गोबर है जिसका योजनाबद्ध तरीके से प्रयोग करके विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते है जिससे कृषि में अरबों रुपए का लाभ देश व किसानों को हो सकता है। यदि गोबरधन का योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न उत्पादों की परियोजना तैयार कर काम करे तो देश में दो लाख 76 हजार करोड़ रुपए की प्रति वर्ष आय हो सकती है जिससे करोड़ों व्यक्तियों को रोजगार भी मिल पाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा व गौ रक्षा सेवा समिति के उपाध्यक्ष आनन्द बियानी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सुरेन्द्र दलाल, हरियाणा गौशाला संघ के उपाध्यक्ष पतराम सुथार, प्रधान चन्द्र भान भांभू, पूर्व सरपंच मदन भांभू, परमेश्वरी देवी भांभू, महेन्द्रपाल सुथार, ब्लॉक प्रधान पवन गर्ग, दरबारा सिंह, डा. सुभाष जोधपुरिया, शीशपाल केहरवाला, सुमित जैन एडवोकेट, पूर्व सरपंच औमप्रकाश नेहरा, पूर्व पंच सुशील धायल, रमन सर्राफ व सांसद के निजी सचिव परमवीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
यह बात सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव डा. अशोक तंवर ने उपमंडल डबवाली के गांव अबूबशहर की भगवान श्री कृष्ण गऊशाला में 3 लाख 50 हजार की लागत से बने नव निर्मित शैड का उद्घाटन करने के पश्चात उपस्थित लोगों व गौभक्तों को सम्बोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में डा. तंवर ने गौशाला के प्रधान चन्द्रभान भांभू व मदन भांभू को टै्रक्टर की चाबी सौंपी। सांसद तंवर ने गौशाला कमेटी को 1 लाख रूपए देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में गौ माता का दर्जा सबसे ऊंचा है, जिन घरों में गऊओं का वास होता है उन घरों में लक्ष्मी वास करती है और वो घर बिमारियों से सदैैव दूर रहते है। प्रदेश की गौशालाओं में गोबर व गौमूत्र से बिजली व गंैस उत्पादन के लिए केंद्रीय अक्षय ऊर्जा विभाग को एक नई परियोजना भेजी जाएगी जिससे सभी गौशालाओं में बिजली व गैंस उत्पादन के सयंत्र स्थापित किए जा सकेंगे। अक्षय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा गोबर गैस प्लांट स्थापित करने हेतु हरियाणा में करोड़ों रुपए की राशि प्रदान की गई है जिससे प्रदेश की कई गौशालाओं में गोबर गैस उत्पादन के लिए सयंत्र स्थापित करने का कार्य शुरु हो चुका है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार गाय के गोबर से अक्षय ऊर्जा भी पैदा की जा सकती है जिससे प्रदेश में बिजली की कमी को पूरा करके गौशालाओं से और अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पशुधन की संख्या एवं दुग्ध उत्पादन के मामले में भारतवर्ष दुनिया का सबसे पहला देश है। देश में दुनिया की कुल पशु संख्या का 16 प्रतिशत हिस्सा भारत में है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि प्रति व्यक्ति के हिसाब से पशु की संख्या के मामले में देश काफी देशों से पिछड़ा हुआ है इसलिए देश में गुणवत्ता के पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे देश में दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ गोबर व मूत्र के उत्पादों में वृद्धि होगी और लोगों के लिए पशु एक अच्छी आय का स्त्रोत बन पाएंगे। उन्होंने कहा कि पशुधन विशेषकर गौ संरक्षण के मामले में हरियाणा सरकार ने और आगे डग भरे है। राज्य सरकार ने प्रदेश में गौ सेवा आयोग गठित करने की घोषणा की है यह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी गौशालाएं सिरसा संसदीय क्षेत्र में है। इसलिए गौ संरक्षण के मामले में सबसे अधिक लाभ सिरसा को ही मिलने वाला है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी डा. केवी सिंह ने कहा कि गोबर धन भारत की समृद्धि में एक नया आयाम स्थापित कर सकता है। राष्ट्र के पास 40 करोड़ टन गोबर है जिसका योजनाबद्ध तरीके से प्रयोग करके विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते है जिससे कृषि में अरबों रुपए का लाभ देश व किसानों को हो सकता है। यदि गोबरधन का योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न उत्पादों की परियोजना तैयार कर काम करे तो देश में दो लाख 76 हजार करोड़ रुपए की प्रति वर्ष आय हो सकती है जिससे करोड़ों व्यक्तियों को रोजगार भी मिल पाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश प्रतिनिधि होशियारी लाल शर्मा व गौ रक्षा सेवा समिति के उपाध्यक्ष आनन्द बियानी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सुरेन्द्र दलाल, हरियाणा गौशाला संघ के उपाध्यक्ष पतराम सुथार, प्रधान चन्द्र भान भांभू, पूर्व सरपंच मदन भांभू, परमेश्वरी देवी भांभू, महेन्द्रपाल सुथार, ब्लॉक प्रधान पवन गर्ग, दरबारा सिंह, डा. सुभाष जोधपुरिया, शीशपाल केहरवाला, सुमित जैन एडवोकेट, पूर्व सरपंच औमप्रकाश नेहरा, पूर्व पंच सुशील धायल, रमन सर्राफ व सांसद के निजी सचिव परमवीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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