BREAKING NEWS

 

सच और झूठ के बीच कोई तीसरी चीज नहीं होती और मैं सच के साथ हूं : छत्रपति       www.poorasach.com      

Tuesday, 10 September 2013

दोष साबित, देश को इंतजार कल सुबह का

नई दिल्ली। पिछले साल 16 दिसंबरको गैंगरेप की शिकार दामिनी के गुनहगारों को अदालत ने दोषी करार दे दिया है। अब इंतजार है तो उनको सुनाई जाने वाली सजा का। दामिनी के माता-पिता,उसका दोस्त और पूरा देेश दरिंदों को फांसी की सजा सुनाने की मांग कर रहा है। 23 वर्षीय प्रशिक्षु फीजियोथेरेपिस्ट के साथ हुई बर्बरतापूर्ण घटना के सात महीने बाद न्यायालय का फैसला आया है।
मृत्यु से पूर्व दिया बयान बना आधार
        दिल्ली की साकेत कोर्ट के न्यायाधीश योगेश खन्ना ने मंगलवार को चार आरोपियों मुकेश,पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को 13 मामलों में दोषी करार दिया। इन्हें हत्या,हत्या के प्रयास,गैंररेप,अप्राकृतिक सेक्स, डकैती,अपहरण,सबूतों को नष्ट करने और साजिश रचने के आरोप में दोषी करार दिया। इन मामलों में उन्हें उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। फैसले में पीडिता के मृत्यु से पूर्व दिया गया बयान और फोरेंसिक एविडेंस महत्वपूर्ण आधार बने। बुधवार सुबह 11 बजे जिरह के बाद कोर्ट दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
दोषी करार देते ही रो पड़ा दरिंदा
         कोर्ट ने जैसे ही चारों आरोपियों को दोषी करार देने का फैसला सुनाया तो पवन गुप्ता रोने लगा। जबकि विनय शर्मा हैरान था। मुकेश को यह कहते हुए सुना गया कि हमने जो किया है उसका परिणाम तो भुगतना होगा। अक्षय के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। दो आरोपियों ने कोर्ट में कहा कि वे उस बस में नहीं थे जिसमें लड़की से गैंगरेप हुआ था। फैसले के बाद मुकेश के माता-पिता रोते हुए अदालत से बाहर निकले। मुकेश की मां रोते हुए एक वकील के पैरों में गिर गई।
वकील ने बताया निर्दोष,फैसले को देंगे चुनौती
             बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने कहा कि फैसला राजनीतिक दबाव में दिया गया है। उनके मुवक्किल निदोेüष हैं। आरोपियों को फेयर ट्रायल नहीं मिला। यह न्याय का मजाक है। फैसला लोगों को संतुष्ट करने के लिए दिया गया है। वे फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। दोषी मुकेश के वकील वीके आनंद ने कहा कि उनके मुवक्किल को कड़ी सजा नहीं दी जानी चाहिए। हम कोर्ट से अपील करेंगे कि मुकेश हमेशा सही तरीके से कोर्ट में पेश हुआ और सहयोग किया,इसलिए कोर्ट को इस मामले में विचार करना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा,दोषियों को फांसी पक्की है
         अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि हमने रेप पर कठोर कानून बनाया। इस मामले में फांसी की सजा पक्की है। भविष्य में इस तरह के सभी मामलों में दोषियों को फांसी पर लटकाया जाएगा। भाजपा नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। भविष्य के लिए यह नजीर साबित होगा। अन्ना आंदोलन से जुड़ी और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने टि्वट किया कि सभी दोषी करार दिए गए। इसमें कोई संदेह नहीं था। सबसे बड़ी बात है सजा की गंभीरता। न्याय की मांग है कि इस मामले को रेयर ऑफ रेयरेस्ट की तरह ट्रीट किया जाए। पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि यह सबसे घृणित अपराध था,जिसने देश को हिलाकर रख दिया था। हम इस मामले में दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की उम्मीद करते हैं। स्पेशल कोर्ट गठित किए जाने के बावजूद फैसला आने में महीनों लग गए। जांच तेजी से होनी चाहिए।
सस्ते में छूट गया था नाबालिग
           इस मामले में आरोपी नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड ने 31 अगस्त को तीन वर्ष किशोर सुधार गृह में बिताने की सजा सुनाई थी। इस फैसले पर पीडिता के परिवार वालों ने नाराजगी जाहिर की थी और आरोपी को और सख्त सजा दिए जाने की मांग की थी।
            16 दिसंबर को चलती बस में गैंगरेप की घटना के 13 दिन बाद पीडिता की सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस बर्बर घटना के बाद फैले व्यापक जनाक्रोश के कारण केंद्र सरकार को सख्त दुष्कर्म-रोधी कानून बनाना पड़ा। इस मामले में तीन जनवरी को आरोपपत्र दाखिल हुआ तथा पांच फरवरी को सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने 85 गवाह पेश किए जबकि बचाव पक्ष के 17 गवाहों के बयान लिए गए। पुलिस ने अपने आरोपपत्र में कहा था कि घटना में नाबालिग ने पीडिता के सबसे अधिक बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया था। मामले में कुल पांच व्यक्ति आरोपित थे,लेकिन मुख्य आरोपी राम सिंह ने सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
को गैंगरेप की शिकार दामिनी के गुनहगारों को अदालत ने दोषी करार दे दिया है। अब इंतजार है तो उनको सुनाई जाने वाली सजा का। दामिनी के माता-पिता,उसका दोस्त और पूरा देेश दरिंदों को फांसी की सजा सुनाने की मांग कर रहा है। 23 वर्षीय प्रशिक्षु फीजियोथेरेपिस्ट के साथ हुई बर्बरतापूर्ण घटना के सात महीने बाद न्यायालय का फैसला आया है।

Monday, 9 September 2013

विवादों का विभाग

अधिक बिल आने से बिफरे ग्रामीण, लगाया जाम

सिरसा। विद्युत विभाग द्वारा अधिक बिल भेजे जाने के कारण बेगू गांव के लोग आज बिफर गए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लेकिन जाम के चलते वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
            जानकारी के अनुसार गांव बेगू के लोगों ने आज सिरसा-भादरा मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि विद्युत विभाग द्वारा तीन माह पूर्व उनके मीटर बदले गए हैं। मीटर बदले जाने से उनका जहां उनका बिल 300 से 400 रुपये आता था वह अब हजारों में आ रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत निगम के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पीडि़त उपभोक्ता जोगेन्द्र व धर्मेन्द्र ने बताया कि उनके घर में एक पंखा और दो सीएफएल लगी हुई हैं। इनका दो माह का बिल भी 7000 हजार रुपये आया है जोकि काफी अधिक है। वे मजदूरी करते हैं और इतना अधिक बिल भरने में असमर्थ हैं।
              प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इसी तरह से जिन-जिन लोगों के मीटर विभाग द्वारा बदले गए हैं उन सभी का बिल भी काफी ज्यादा आ रहा है। मीटर अपने-आप जंप कर जाता है। खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी विभागीय अधिकारी कोई सुध नहीं लेते, इसी के चलते उन्होंने जाम लगाया है। सूचना मिलने के बाद विभागीय अधिकारी व पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।

संघ ने फूंका सीएम का पुतला

सिरसा। हरियाणा राजकीय कंप्यूटर अध्यापक व लैब सहायक संघ ने आज मांगों को लेकर लालबत्ती चौक पर प्रदर्शन किया और सीएम का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे संघ के प्रधान प्रदीप शर्मा ने कहा कि सरकार कम्प्यूटर अध्यापक व लैब सहायकों की मांगों को अनसुना कर रही है। सरकार को चाहिए कि समय रहते उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने चेताया कि अगर मांगे पूरी नहीं की तो आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।

बेलदार के शव का हुआ पोस्टमार्टम

सिरसा। रोड़ी ब्रांच पर तैनात बेलदार अमीलाल के शव का पोस्टमार्टम करवा पुलिस ने वारिसों को सौंप दिया।
    ज्ञातव्य हो कि गत रात्रि अमीलाल का शव माईनर से मिला था। बताया गया है कि अमीलाल दो दिन पूर्व रात्रि के समय गश्त पर गया था। वापिस नहीं लौटा। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। गत दिवस उसका शव माईनर से मिला। मृतक के सिर पर चोट के निशान थे। जांच अधिकारी जगदीश राय का कहना है कि संभवत: किसी ने हत्या के बाद शव नहर में फेंका है। फिलहाल जांच की जा रही है।

पीडि़तों को उपायुक्त ने दी सहायता राशि

सिरसा। उपायुक्त डा जे गणेसन ने आज अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री हरियाणा राहत कोष के माध्यम से क्रोनिक बीमारी से पीडि़त छह व्यक्तियों को एक लाख 70 हजार रूपए राशि के चैक वितरित किए। गांव गुडियाखेडा की श्रीमती कौशल्या देवी पत्नी कृष्ण कुमार को 40 हजार रूपए की राशि कैंसर के इलाज के लिए तथा नानक पुर के  के श्री मिल्ख राज  को ईलाज के लिए 15हजार रूपए की राशि दी गई।
             इसी प्रकार लाभ सिंह पुत्र बुदना सिंह गांव फग्गु को उनकी पत्नी के ईलाज ेके लिए 50 हजार रुपये,  सिरसा की शांति देवी पत्नी हरबंस लाल को कैंसर के ईलाज के लिए 30 हजार रुपये, रोहताश पुत्र मंगत राम गांव केलनियां को 25 हजार रुपये तथा गांव भवदीन के भाना राम पुत्र भालु राम को ईलाज के लिए दस हजार रुपये की राशिके चैक वितरित किए।

बाबाओं की बदमाश कंपनी को लेकर मीडिया की बदमाशी.... Why Indian Media is not reporting against Dera Sachcha Souda's Head Gurmeet Ram Rahim Singh?

 बदमाश कंपनी के सरगना के लिए नहीं फूट रहे बोल

    देश के खबरिया चैनल दिन-रात बाबाओं को पीट रहे हैं। आसाराम उनके केंद्र में है। वो जेल में जो ठूंस दिया गया। लेकिन एक बात शायद पूरे देश के लोगों को खटक रही होगी कि भ्रष्ट बाबाओं की पोल खोल में सिरसा के कुख्यात डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह (जिसे कि भ्रष्ट मामलों में सबका सरगना माना जा सकता है) का नाम एकाध को छोड़कर कोई नहीं ले रहा। क्यों नहीं लिया जा रहा, यह भी किसी से छुपा नहीं। लेकिन 'पूरा सच' बस यह जानना चाहता था कि आखिर चैनल वालों की दलील क्या होगी?
    सबसे पहले देश के 'सबसे तेज' बिकने वाले खबरिया चैनल से ही शुरुआत की गई। 'पूरा सच' से अंशुल छत्रपति बात कर रहे थे। चैनल के कई बड़े संपादकों ने नाम सुनते ही बहानेबाजी शुरू कर दी। एकाध तो नाम सुनने के बाद 'रांग नंबर' हो गए। आखिरकार, सीनियर स्पैशल कॉरस्पॉन्डेंट बालाकृष्णन जी ने जवाबदेही की हिम्मत जुटाई। बातचीत के कुछ अहम अंश यहां पेश कर रहे हैं...
अंशुल : आपके चैनल पर 'बाबाओं की बदमाश कंपनी' स्टोरी चलाई गई। इसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह का नाम क्यों नहीं आया? वो तो इस बदमाश कंपनी का सरगना है? उस पर तो हत्या और बलात्कार के आरोप हैं?
चैनल : देखिए, यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है....
अंशुल: आसाराम पर तो अभी शिकायत ही दर्ज हुई है, जबकि गुरमीत सिंह पर न्यायालय के आदेश पर ही सीबीआई जांच बैठी और आखिरकार जांच में बलात्कार और हत्या जैसे संगीन मामलों में मुख्य आरोपी बनाया गया। न्यायालय ने भी तथ्यों के आधार पर ही आरोप तय करने की सहमति जताई? सुनवाई जारी है। नित्यानंद पर भी मामला अदालत में विचाराधीन है। फिर यह मामला अलग कैसे हुआ? एक मीडियाकर्मी की हत्या के दोषियों को आपका चैनल अनदेखा कर रहा है? यदि मीडिया ही मीडियाकर्मी से हुए अन्याय की आवाज नहीं उठाएगा तो कौन?
चैनल : हम डेरा सच्चा सौदा हैड की खबरें भी दिखाते हैं, आपके पास कोई नया मामला  है तो बताइए?
अंशुल : नया तो बहुत कुछ है। हाल ही में डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला उठा था। एक साधु ने हाईकोर्ट में जांच की अपील की। उसकी चिकित्सीय जांच में भी साबित हो गया और नाम सहित उसने अनेक अन्य साधुओं की लिस्ट भी मुहैया करवाई। खबर बहुत बड़ी थी लेकिन आपके न्यूज चैनल पर एक बार ही चली, अगले ही दिन से आपके खबरिया चैनल पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के प्रवचन शुरू हो गए। क्या यह बेशर्मी की हद नहीं है? डेरा सच्चा सौदा और आपके चैनल में हुई इस डील को आम आदमी भी भली-भांति समझता है।
चैनल : देखिए साफ बात यह है कि हम उनके खिलाफ स्टोरी चलाएंगे तो उनका कोई अनुयायी हम पर केस कर देगा। हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते................
    फोन कट चुका था। लेकिन कई सवाल बकाया थे। आम जनता के सवाल। क्या  कथित रूप से देश का सर्वश्रेष्ठ खबरिया चैनल चलाने वाला एक मीडिया घराना इतनी बेचारगी दिखा सकता है? मठाधीश तो आसाराम भी है? भीड़ को तो उसने भी ढाल बनाया? फिर क्यों नहीं डरी उससे सरकारें? क्यों नहीं डरे खबरिया चैनल?
आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा....

Sunday, 8 September 2013

अंशुमन बने मिस्टर भारती मिस फे्रशर


सिरसा, 08 सितंबर। जेसीडी आईबीएम कॉलेज में शनिवार शाम को  एमबीए तथा बीबीए के नवआगंतुक विद्यार्थियों के लिए फ्रेशर पार्टी 'परिचय-2013Ó का आयोजन किया गया। जिसमें एमबीए प्रथम वर्ष के अंशुमन को मिस्टर फे्रशर तथा भारती को मिस फे्रशर चुना गया।
     कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य डॉ. कुलदीप सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया। उन्होंने कहा कि नवआगंतुकों के स्वागत में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। जिसमें एमबीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने हिंदी फिल्मों के गीतों के मिश्रण पर नृत्य पेश किया। वहीं छात्रा जसकीरत ने 'साहां तो भी नेड़ेÓ तथा पवन ने 'काश किते तेरे बुलां ते बस मेरा नाम होवेÓ गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  एमबीए प्रथम वर्ष के गु्रप ने 'तुम ही होÓ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडल ने एमबीए प्रथम वर्ष के अंशुमन को मिस्टर फे्रशर, भारती भट्ट को मिस फे्रशर, बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र कंवलजीत सेतिया एवं साक्षी को मिस्टर एवं मिस फे्रशर चुना गया। विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में जेसीडी विद्यापीठ के समस्त कॉलेजों के प्राचार्य, जेसीडी आईबीएम कॉलेज का स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

गोपाल कांडा ने सुनीं जनसमस्याएं

सिरसा, 08 सितंबर। सिरसा के विधायक गोपाल कांडा ने रविवार को भी अपने आवास पर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की।
    रविवार सुबह से ही विभिन्न गांवों व शहर के वार्डों के लोग अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर आना शुरू हो गए। गोपाल कांडा ने विभिन्न वाडऱ्ोंं के लोगों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में प्रदेश में रिकार्ड विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये  मंजूर किए गए हैं, जो सड़क, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज आदि मूलभुत सुविधाओं पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा गरीबों व आमजन के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हरियाणा में आरंभ की गई दाल-रोटी योजना लागू की है, जिसका लाभ प्रदेश की आधी आबादी को शीघ्र ही मिलना आरंभ हो जाएगा।

इनेलो का प्रदर्शन कल

सीएलयू में आरोपी विधायकों व मुख्यमंत्री का फूंका जाएगा पुतला

सिरसा, 08 सितंबर। इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन ने कहा कि हाल ही में हरियाणा विधानसभा में इनेलो की ओर से कांग्रेस के कुछ विधायकोंं की सीएलयू के नाम पर करोड़ों रुपए मांगने की सीडी उजागर होने के बाद  इनेलो आरोपी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर 10 सितंबर को जिला स्तरीय प्रदर्शन करेगी।
    जैन ने बताया कि आरोपी विधायकों की विधानसभा से सदस्यता रद्द करने, महंगाई व पेट्रो उत्पादों में हुई बढ़ौतरी के विरोधस्वरूप इनेलो के पदाधिकारी व कार्यकर्ता 10 सितंबर को अनाजमंडी मेें एकत्रित होंगे। उन्होंने बताया कि वहां से बाजारों में मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पर आरोपी विधायकों व मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी प्रदर्शन के दौरान उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। जिसमें आरोपी विधायकों को तुरंत सदन की सदस्यता से हटाना प्रमुख मांग के तौर पर शामिल होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने जिस प्रकार सीएलयू के नाम पर करोड़ों रुपए मांगकर भ्रष्ट आचरण का प्रदर्शन किया है, उससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस नेता पूरी तरह से भ्रष्टाचार के दलदल में आकंठ डूबे हैं। इसके अलावा आमजन पर महंगाई का हथौड़ा चलाकर उन्हें पूरी तरह से उनके हालात पर मरने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने सदैव आम आदमी के हितों को तरजीह देते हुए संघर्ष किया है और भविष्य में भी संघर्ष करती रहेगी।

स्वयंसेवकों ने की विद्यालय में सफाई

सिरसा, 08 सितंबर। राजकीय मॉडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तीनों युनिटों द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय शिविर का आयोजन कर विद्यालय में साफ-सफाई की। इस शिविर में 250 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
    शिविर में विद्यालय प्राचार्य नरेश सिंगला ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता मनुष्यता की पहली पहचान है। उन्होंने सभी स्वयं सेवकों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के वातावरण को हमेशा साफ सुथरा रखें। एनएसएस प्रभारी अरविंद शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सविता दुग्गल ने सभी स्वयंसेवकों के ग्रुप बनाए। हर ग्रुप का एक लीडर बनाया गया तथा सभी ग्रुपों ने अपने-अपने लीडर के नेतृत्व में विद्यालय के सभी कमरों व विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की। स्वयंसेवकों ने पौधों की कटाई छंटाई की और क्यारियों को दुरुस्त कर पौधों को पानी दिया। इसके अतिरिक्त पानी की टंकियों की सफाई की। शिविर में स्वयंसेवक कर्ण सेठी, भरत, पूनम, मीनाक्षी, कोमल, कविता आदि का अच्छा नेतृत्व रहा। इस अवसर पर विवेक जैन, ओमप्रकाश सचदेवा आदि उपस्थित थे।

रेवाड़ी में आयोजित रैली में प्रदेशभर के सैनिक होंगे शामिल:जांगड़ा

सिरसा, 08 सितंबर। भाजपा सामाजिक न्याय मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि 15 सितंबर को रेवाड़ी में आयोजित होने वाली पूर्व सैनिकों की रैली में प्रदेशभर के सैनिक शामिल होंगे।
    वे रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रैली को मुख्य रूप से भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इस रैली में पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने भी मोदी के साथ मंच सांझा करने की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि इस रैली में एक दर्जन से अधिक पूर्व सेना पूर्वक व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहे पूर्व सैनिक भी मंच पर उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा का सेना में बहुत बड़ा योगदान है और प्रत्येक छठा सैनिक हरियाणा का निवासी है। इसके साथ-साथ रेवाड़ी का पूरा क्षेत्र सेना को समर्पित रहा है अथवा ये कहा जा सकता है कि सैनिकों की तादाद यहां सबसे ज्यादा है, इसलिए पूर्व सैनिक रैली के लिए यह स्थान विशेष रूप से चुना गया है। उन्होंने बताया कि अब तक हरियाणा के 11 जिलों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की है पूर्व सैनिकों को निमंत्रण दिया है। आज सिरसा जिला में भी पार्टी कार्यकर्ताओं से रैली को लेकर विचार-विमर्श होगा और इलाके के पूर्व सैनिकों को रैली का निमंत्रण दिया जाएगा। इस मौके पर पूर्व मंत्री प्रो. गणेशी लाल, भाजपा के जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता, सामाजिक न्याय मोर्चा के जिलाध्यक्ष दौलतराम कंबोज, प्रदेश उपाध्यक्ष रोहताश जांगड़ा, जिला महामंत्री यतिंद्र सिंह, ओमप्रकाश शीशेवाला, सतपाल मेहता, मोतीराम सोनी, अशोक शर्मा, महाबीर गोदारा, जसवंत राठौड़, राजेश बजाज आदि मौजूद थे।

बर्थ डे पर मोदी को मिलेगा पीएम पद की उम्मीदवारी का गिफ्ट!

नई दिल्ली। भाजपा की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। मोदी के नाम पर संघ ने अपनी मुहर लगा दी है। दिल्ली में चल रही संघ और भाजपा की समन्वय समिति की बैठक में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में विहिप नेता और मोदी हिस्सा ले रहे हैं। संघ प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में आरएसएस के 25 और भाजपा के 12 पदाधिकारियों समेत 65 नेता भाग ले रहे हैं। बैठक से पहले नरेन्द्र मोदी और राजनाथ सिंह ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
          सूत्रों के मुताबिक लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज सहित अन्य नेताओं के विरोध के बावजूद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करने का मन बना लिया है। मोदी पर फैसले के लिए राजनाथ सिंह जल्द ही पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुला सकते हैं। कहा जा रहा है कि 19 सितंबर से शुरू हो रहे श्राद्ध पक्ष से पहले मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। नवरात्र महोत्सव से पहले शुरू होने वाला श्राद्ध पक्ष 15 दिन तक चलेगा। इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं होता क्योंकि उसे अशुभ माना जाता है।
               संघ का कहना है कि उसने अपना फैसला भाजपा को बता दिया है। संघ नेता मनमोहन वैद्य ने कहा कि हमने अपनी भूमिका साफ कर दी है। अब पार्टी को यह तय करना है कि किसके नाम की घोषणा करनी है और कब करनी है। हमने भाजपा को अपनी राय बता दी है।

दंगे की आग में झुलस रहा मुज्जफरनगर,सेना बुलाई

मुज्जफरनगर। उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर में सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। मारे गए लोगों में एक टीवी पत्रकार और फोटोग्राफर शामिल है। दंगे में 35 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं,जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मेरठ से बुलाए गए 1000 सैनिक 
          तीन थाना क्षेत्र में अनिश्चिकालीन कर्फ्यू लगाया गया है। हालात बिगड़ते देख सेना बुलाई गई है। मेरठ से बुलाए गए सेना के करीब 1000 जवान हिंसाग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच गृह मंत्रालय ने दंगे को लेकर यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि खुफिया सूचना के आधार पर यूपी सरकार को पहले से अलर्ट किया गया था बावजूद इसके दंगे कैसे हुए? सरकार ने एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए? 

अब रेलवे में 17000 करोड़ का घोटाला!

नई दिल्ली। पहले से ही कई घोटाले में घिरी यूपीए सरकार अब एक और स्कैम में घिरती दिख रही है। इस बार घोटाला लौह अयस्क के ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ा है। कैग की टेस्ट ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि लौह अयस्क के ट्रांसपोर्टेशन के लिए बनाई गई दोहरी नीति के दुरूपयोग से सरकार को 17 हजार करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हुआ। एक अंग्रेसी दैनिक ने कैग की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि निर्यातक बेधड़क इस पॉलिसी का दुरूपयोग कर रहे हैं। सीबीआई के नेतृत्व वाली मल्टी डिसिप्लिनरी जांच टीम पहले से इस तरह के मामलों की जांच कर रही है। 
2008 में शुरू हुई घोटाले की शुरूआत
         घोटाले की शुरूआत 22 मई 2008 को उस वक्त हुई जब रेलवे ने लौह अयस्क के ट्रांसपोर्टेशन के लिए दोहरी मूल्य नीति बनाई। इस नीति के तहत घरेलू उपयोग के लिए लौह अयस्कों का ट्रांसपोर्ट करने वाले ट्रांसपोर्टरों को इसका निर्यात करने वालों की अपेक्षा सस्ती दरों पर ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा दी गई। निर्यात के लिए लौह अयस्क के ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा घरेलू उपयोग के लिए किए जाने वाले ट्रांसपोर्टेशन की तुलना में औसतन तीन गुना ज्यादा था।
तीन जोन की ऑडिट पर आधारित है रिपोर्ट
        कैग ने रेल मंत्रालय को भेजे अपने ड्राफ्ट में कहा कि सरकार को बकाया राशियों से करीब 17 हजार करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हुआ। यह आंकड़ा 75 लोडिंग प्वाइंट्स में से सिर्फ 26 और 41 अनलोडिंग प्वाइंट्स में से 10 की ऑडिट पर आधारित है। कैग की यह रिपोर्ट उन तीन जोन की ऑडिट पर आधारित है,जहां लौह अयस्क की सबसे ज्यादा लोडिंग होती है। इन जोन में दक्षिण पूर्वी, दक्षिण पश्चिम और पूर्व की सीमा शामिल है। इन जोन में ट्रांसपोर्टेशन मई 2008 से मार्च 2012 के बीच किया गया। कैग को कई ऎसे तथ्य मिले हैं जिससे पता चलता है कि निर्यातकों ने कैसे इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। घरेलू दरों पर ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा के लिए शपथ पत्र और क्षतिपूर्ति नोट जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी था। ऑडिर्ट में पाया गया कि 126 पार्टियां ऎसी थी जिन्होंने मई 2008 से 31 मार्च 2012 के बीच लौह अयस्क के ट्रांसपोर्टेशन के लिए 386 रैक की बुकिंग के पहले इनमें से आवश्यक दस्तावेजों में से एक भी पेश नहीं किया।

Saturday, 7 September 2013

देसुमलकाना में वृद्ध की हत्या

गांव के दो लोगों ने गंडासी से किए वार

पुलिस ने मामला दर्ज

सिरसा। कालांवाली के गांव देसुमलकाना में मामूली कहासुनी के चलते दो लोगों ने एक वृद्ध की गंडासी से हमला कर हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम हेतु सामान्य अस्पताल लाया गया। मृतक के पुत्र गुरमीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कालांवाली थाना क्षेत्र के गांव देसुमलकाना निवासी निरंजन सिंह (62) पुत्र जीवन सिंह अपने  घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के ही हरजिंद्र उर्फ टिड्डा पुत्र बलवीर सिंह तथा निक्का पुत्र काका ने उसे रोक लिया। आरोप  है कि दोनों ने उस पर गंडासी से वार किए। मौके पर ही निरंजन की मौत हो गई। मृतक के बेटे गुरमीत सिंह के बयान पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे बलवंत सिंह ने बताया कि हरजिन्द्र व निक्का के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सफाई को मांग को लेकर जलघर के जड़ा ताला

सिरसा। गांव खारीसुरेरां में जलघर की डिग्गी की सफाई न होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जलघर को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने जलघर के मुख्य द्वार के समक्ष जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और धरना दिया। धरनारत गांव खारीसुरेरां के सरपंच दीपाराम, कृष्ण झोरड़, साहबराम आदि ने बताया कि जलघर का निर्माण करीब 17 वर्ष पूर्व हुआ था। निर्माण के बाद से डिग्गी की आज तक साफ-सफाई नहीं की गई। इसी का परिणाम है कि डिग्गी के आसपास घासफूस व कंटीली झाडिय़ां उग गई हैं। डिग्गी के भीतर कूड़े-कर्कट के डेर लगे हुए हैं जिससे पेयजल दूषित हो रहा है। शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीणों का कहना था कि जब  तक सफाई कार्य नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।

करवाऊंगा समस्याएं दूर : गोपाल कांडा

सीएम से मांगी जाएगी विशेष ग्रांट, सुनीं लोगों की समस्याएं

सिरसा। सिरसा के आधारभूत विकास कार्य एवं जनसमुदाय को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कार्य में तेजी लाई जाएगी। सीवरेज जाम की समस्या और बारिश के समय जलभराव की समस्या के निदान के लिए आरंभ किए गए केलनिया डिस्पोजल प्रोजेक्ट, नटार सीवरेज प्रोजेक्ट, पीने के पानी की सप्लाई के लिए पंजुआना में बनाया जा रहा विशाल जलघर इत्यादि योजनाओं को सभी के सहयोग से अधिकारियों से विचार-विमर्श करके शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

मतदाताओं को लुभाने का प्रयास

यूपीए सरकार देगी मोबाइल व टेबलेट

दिल्ली। यूपीए सरकार अपने मतदाताओं को लुभाने में कोई कमी नहीं छोड़ती दिख रही है। हालही में सरकार ने खाद्य सुरक्षा बिल को पास करवाया है। वहीं अब मोबाइल और टेबलेट्स के बहाने गरीबों को लुभाने की कोशिश की है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार 7860 करोड़ रूपए खर्च करके 2.5 करोड़ मोबाइल 90 लाख टैबलेट मुफ्त में बांटेगी। इस योजना को सरकार ग्रामिण और शहरी लोगों के बीच डिजिटलकरण की खाई को खत्म करने के बहाने से लागू कर रही है।
           योजना के 2014-15 में शुरू होगी इसके तहत चार साल तक मोबाइल दिए जाएंगे। इसके साथ ही दो साल के लिए मोबाइल फोन कनेक्शन भी मुफ्त में दिया जाएगा। जिसके लिए 300 रूपए केवल एक बार देने होंगे। योजना के तहत मोबाइल में हर महीने 30 रूपए का टॉक टाइम, 30 एसएमएस और 30 एमबी का डाटा मुफ्त मिलेगा। मोबाइल योजना सिर्फ गांव वालें लोगों के लिए है। और टैबलेट ग्रामिण और शहरी क्षेत्र के 11 वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों को बांटे जाएंगे। जिसमें हर महीने 75 रूपए का टॉकटाइम, 75 एसएमएस और 500 एमबी का डाटा मुफ्त मिलेगा। योजना का खाका लगभग पूरा करके टेलिकॉम कमीशन को भेज दिया गया है। कमीशन से पास हो जाने के बाद इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा।

10 करोड़ से बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी

सिरसा। सिरसा में 10 करोड़ रूपए की लागत से इंस्टिच्यूट आफ चार्टड एकाऊटेंट  आफ इंडिया का सैंटर आफ एक्सीलेंसी खोला जाएगा। यह बात सिरसा के सांसद डा अशोक तंवर ने अनाज मंडी के पास इंस्टिच्यूट आफ चार्टड एकाऊटेंट  आफ इंडिया  की 138 वीं ब्रांच का उद्घाटन करने पश्चात उपस्थित लोगो को सम्बांधित करते हुए कही। इस अवसर पर इंस्टिच्यूट आफ चार्टड एकाऊटेंट  आफ इंडिया के प्रेसिडेंट सुबोध कुमार अग्रवाल, उतरी जॉन के चैयरमैन विशाल गर्ग, सचिव राजेंद्र नारंग, सिरसा व फतेहाबाद के जिलों के सभी चार्टड एकाऊटेंट, छात्र- छात्राओं सहित शहर के अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
              उन्होंने कहा कि जिला को गुणवता की शिक्षा का हब बनाया जाएगा। उन्होंने स्थानीय जिला  प्रशासन को सैंटर आफ एक्सीलेंसी के लिए संस्थागत रेट पर जमीन मुहैया करवाने के निर्देश भी दे दिए है। इस इंस्टिच्यूट  के लिए जमीन व निर्माण से सम्बंधित सारा खर्च इंस्टिच्यूट  द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ-साथ जिला में  इंस्टिच्यूट आफ कम्पनी सैक्रे ट्री  तथा इंस्टिच्यूट आफ कॉस्ट एकाऊटेंट  की शाखाएं भी खोली जाएगी।  इस प्रकार से सिरसा जिला एकाऊंट इंस्टिच्यूट के मामले में देश के अग्रणी जिलों में से होगा। सिरसा में ब्रांच खुल जाने से मात्र तीन वर्ष की तीस हजार रूपए फीस में छात्र चार्टड एकाऊंटेंट की कोंचिंग ले पाएंगे। संस्थान के प्रेसीडेंट सुबोध कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में दोलाख 25 हजार से भी अधिक सी ए संस्थान से पंजीकृत कार्य कर रहे है इसके साथ-साथ पूरे देश में 12 लाख 50 हजार से भी अधिक छात्र सी ए कर रहे है। सिरसा में  खोली गई ब्रांच से एक हजार से  भी अधिक छात्रों को अध्ययन का लाभ मिलेगा।

कड़ी सुरक्षा के बीच जुबिन मेहता का लाइव कंसर्ट

jubin mehta
श्रीनगर। तमाम विरोध और धमकियों के बीच मशहूर संगीतकार जुबिन मेहता का लाइव कंसर्ट शनिवार शाम पांच बजे शुरू होगा। इसके लिए वे शुक्रवार हो ही श्रीनगर पहुंच चुके हैं। ये कंसर्ट शालीमार मुगल बाग में हो रहा है। आतंकियों की धमकी और अलगाववादियों के विरोध को देखते हुए इस कार्यक्रम की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है।
              राज्य सरकार का कहना है कि वो हर हाल में इस कंसर्ट को कामयाब बनाकर रहेगी। इस बीच शुक्रवार शाम श्रीनगर पहुंचे मेहता ने कहा कि वो अमन का पैगाम फैलाने आए हैं।
               श्रीनगर का शालीमार बाग किले में तब्दील हो गया है। जुबिन मेहता के म्यूजिकल कंसर्ट एहसास-ए-कश्मीर को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार इसकी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतना चाहतीं। जर्मन दूतावास के सहयोग से आयोजित कराए जा रहे इस कंसर्ट की सुरक्षा तीन स्तरों पर की जा रही है। इसके लिए सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं।
               शुक्रवार शाम खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शालीमार बाग पहुंचकर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया। अब्दुल्ला ने अलगाववदियों पर निशाना साधते हुए कहा उनके सड़क पर उतरने से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।
              जम्मू-कश्मीर के डीजी अब्दुल गनी चौधरी ने बताया कि शो के लिए हमने सब प्रबंध कर लिए हैं। सुरक्षा कड़ी है।
             अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस का कहना है कि कश्मीर की जनता इस कंसर्ट के खिलाफ है। हुर्रियत का कहना है कि श्रीनगर के हालात पूरी दुनिया से छिपाने के लिए इस कंसर्ट का आयोजन किया जा रहा है। हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता नईम खान का कहना है कि वे म्यूजिक के खिलाफ नहीं है। यहां की आवाम इस कंसर्ट के खिलाफ हैं। जर्मनी-हिंदुस्तान के साथ मिलकर हो रहा है। ये उनकी आवाम के लिए नहीं है।

केदार घाटी में फिर मौत का मंजर, 180 शव मिले...

देहरादून। उत्तराखंड आपदा के बाद जिन लोगों ने अपने परिजनों के लौटने की उम्मीद लगा रखी थी, वह भी अब टूट गई है। दरअसल, पिछले दो-चार दिनों में 180 शव और बरामद हुए हैं। इसके साथ इस भीषण आपदा में मरने की वालों की संख्या भी बढ़ गई है।           केदारनाथ मंदिर के रास्ते में 71 शव और मिले हैं, जो उन श्रद्धालुओं के माने जा रहे हैं, जो जून में आई जलप्रलय से बचने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए और वहां भूख तथा ठंड से उनकी मौत हो गई।
           पुलिस महानिरीक्षक आरएस मीणा ने बताया कि बुरी तरह क्षत-विक्षत 71 शव गरुड़चट्टी और गौरीकुंड के बीच पहाड़ियों पर मिले, जिनका शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे 2 दिन पहले केदारनाथ के नजदीक 64 शवों का दाह-संस्कार किया गया था। हाल ही में मिले शवों की संख्या बढ़कर 180 तक पहुंच गई है।
           उन्होंने कहा कि उनका पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा रहा है और साथ ही पहचान के लिए डीएनए नमूने लेने, पंचनामा करने और उनके द्वारा पहनी गई चूड़ी, कुंडल आदि जैसी चीजों को संभालकर रखा जा रहा है।
           अधिकारियों ने बताया कि आपदा से सर्वाधिक प्रभावित केदारघाटी में मंगलवार को तलाशी अभियान का तीसरा चरण शुरू होने से लेकर अब तक कुल 166 शव बरामद हो चुके हैं जिनका अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
            पहले दो चरणों में 200 उसे अधिक शव निकाले गए। सूत्रों का कहना है कि अब मरने वालों का आधिकरिक आंकड़ा 1000 को पार कर चुका है। हालांकि गैर सरकारी संगठनों का कहना है कि त्रासदी में हजारों लोग मारे गए हैं, जिनमें से बहुत से लोगों का प्रतिकूल पर्वतीय ऊंचाइयों की वजह से पता नहीं लग पाया है।

30 साल से घिनौना कृत्य कर रहे हैं आसाराम

AASARAM
नई दिल्ली। नाबालिग से यौन शोषण के मामले में जोधुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम बापू किस तरह लड़कियों का यौन शोषण करते थे इसका खुलासा किया है छिंदवाड़ा आश्रम की एक पीड़िता और उनके एक पूर्व शिष्य ने।
             टीवी चैनल आज तक की खबर अनुसार रायपुर में आसाराम के आश्रम में रही पीड़ित लड़की ने 2004 में हुई खुद के साथ एक घटना का खुलासा करते हुए कहा कि जब आसाराम रायपुर आश्रम में आते थे तो हमें उनके जलपान की सेवा के लिए काम पर लगाया जाता था। तब में स्कूल में थी। जब मैं और मेरी साथी लड़कियां आसाराम को चाय-नाश्ता देने के लिए जाते थे तो वह हमसे अश्लील बातें करते थे। तरह-तरह के प्रलोभन देते थे। छेड़छाड़ करते थे।
             पीड़िता ने यह भी कहा, 'उनकी अश्लील हरकतों की हजारों लड़कियां शिकार हुई होंगी लेकिन डर के मारे सामने नहीं आई होंगी।'
              इस घटना से पीड़िता परेशान रही और आसाराम के प्रति उसकी आस्था टूट गई। उसने बताया कि आसाराम की लोगों में अटूट आस्था थी। इसलिए मैं डर के मारे लोगों को ये बात नहीं बता सकी, अपने मां-बाप को भी नहीं। अब मेरी हर बाबा के लिए आस्था खत्म हो गई है। सब ढोंगी हैं, आडंबर करते हैं। पीड़िता ने आगे कहा कि आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए।
             यह लड़की ही नहीं आसाराम के खिलाफ एक और गवाह सामने आया है। इसका नाम में वैद्य प्रजापति। गुजरात में आसाराम के आश्रम में रहे इस शख्स ने कहा कि ऐसे काले कारनामे पिछले करीब 30 सालों से चल रहे हैं। हजारों लड़कियों का सेक्स रैकेट चल रहा है। 1994 में चित्रलेखा में आसाराम के विरोध में कुछ प्रकाशित हुआ था। जवाब में आसाराम ने उस पत्रिका का कार्यालय जला दिया था।

कॉफी और चाय तय करते हैं आपकी तरक्की और वेतन

लंदन। अभी तक आपने यही सुना होगा कि आपका व्यक्तित्व, आपकी कुशलता और आकर्षण क्षमता देखकर ऑफिस का बॉस वेतन तय करता है लेकिन आप यह सुनकर हैरान होंगे कि आपकी चाय या कॉफी की तलब भी यह तय करती है कि आपका वेतन कितना होगा।
           'डेली मेल' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉफी पीने वाले कर्मचारी वेतन के मामले में चाय पीने वाले कर्मचारियों से बाजी मार ले जाते हैं। हालांकि चाय पीने वाले कर्मचारियों से ऑफिस की रौनक बढ़ती है। उनमें बेहतर नेतृत्व क्षमता होती है और वे अपने सहकर्मियों से सहयोगात्मक रवैया अपनाते हैं लेकिन वेतन के मामले में कॉफी पीने वाले इन्हें पीछे छोड़ देते हैं।
           चाय पीने वालों में 84 प्रतिशत लोग टीम लीडर होते हैं जबकि कॉफी पीने वाले मात्र 74 प्रतिशत ही टीम लीडर होते हैं। कॉफी पीने वाले कर्मचारी ज्यादा तर्क करते हैं और आमतौर पर बड़े अधिकारी होते हैं।
          सर्वेक्षण से पता चला कि कॉफी पीने वाले खतरों के खिलाड़ी होते हैं और चाय पीने वालों के मुकाबले सालाना 2,160 पाउंड अधिक वेतन पाते हैं। कॉफी पीने वाले 10 प्रतिशत लोगों ने तनाव में आने की बात स्वीकारी जबकि चाय पीने वाले 12 प्रतिशत लोग तनावग्रस्त थे।
            कॉफी पीने वाले ऑफिस देर से आते हैं और आमतौर पर बस या टैक्सी में सफर करते हैं जबकि चाय पीने वाले अधिकतर खुद ड्राइव करके ऑफिस आते हैं। इसके अलावा कॉफी और चाय की तलब का असर उनके ड्रेसिंग सेंस पर भी देखा गया।
             चाय पीने वाले अधिकतर कैजुअल ड्रेस पहनते हैं जबकि कॉफी पीने वाले तरह-तरह के फैशनेबल कपड़े पहनते हैं।

नरेंन्द्र मोदी पर फिदा मल्लिका शेरावत

mallika sahrawat
जयपुर। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के चाहने वालों की लिस्ट बढ़ती जा रही है। इस बार बॉलीवुड की हॉट अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने कहा है कि देश का परफेक्ट बैचलर कोई है तो वह है गुजरात के मुख्यमंत्री औऱ युवाओं में बेहद लोकप्रिय नरेंद्र मोदी।
              इसे आगे बढ़कर मल्लिका ने कहा कि वो नरेंद्र मोदी के साथ डेट पर जाना पसंद करेंगी। उनको मोदी भारत के सबसे योग्य कुंवारे व्यक्ति लगते हैं। मल्लिका ने कहा कि मोदी की सोच नई है, वह क्रियेटिव और प्रोग्रेसिव बातें करते हैं। वह स्मार्ट हैं, बुद्धिमान और बहादुर हैं। इसलिए मल्लिका के हिसाब से मोदी ही उनके लिए परफेक्ट और बेस्ट हैं।
            मल्लिका ने यह बात अपने एक रियलिटी शो प्रमोशन के दौरान कहीं। ये शो लाइफ ओके चैनल पर आने वाला है। शो का नाम 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' है।
              मल्लिका ने अमेरिकी रियलिटी डेटिंग गेम शो ‘द बैचलर’ के इस भारतीय संस्करण लिए शूटिंग भी शुरू कर दी है। जिसके तहत मल्लिका अपने लिए परफेक्ट बैचलर को खोजेगी। शो की शूटिंग शुरू हो चुकी है जिसके तहत मल्लिका उदयपुर पहुंची हैं।
             इस कार्यक्रम में मल्लिका को भारतीय-कनाडाई अभिनेत्री सनी लियोन के रूप में एक भरोसेमंद साथी भी मिलेगी, जो उन्हें सबसे बेहतरीन प्रतियोगी को चुनने में मदद करेंगी. प्रसिद्ध टीवी एवं फिल्म अभिनेता रोहित रॉय लाइफ ओके पर प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम के प्रस्तोता होंगे।

आसाराम के बेटे नारायण सांई भी फंसे, गंभीर आरोप

narayan sai
इंदौर। नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले में आसाराम को 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजे जाने के बाद उनके बेटे नारायण सांई भी अब गंभीर विवादों में घिर गए हैं। उन पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।
               इंदौर निवासी 37 वर्षीय एक महिला ने शुक्रवार को अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए नारायण सांई पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने एक शादीशुदा शिष्य को तलाकशुदा बताकर धोखाधड़ी से उसकी शादी कराई और बाद में उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
              महिला के वकील एनए शेख ने बताया कि उनकी मुवक्किल ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति जैन के सामने नारायण, अपने पति और चार अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 493, 494, 495, 506 और 120-बी के तहत शिकायत पेश की। शेख ने बताया कि 37 वर्षीय महिला ने मामले में पुलिस जांच की गुहार करते हुए अदालत में अलग आवेदन पेश किया है। इस आवेदन पर बहस के लिए 20 सितंबर की तारीख तय की गई है।

किसी जमाने में

                एक गुब्बारे वाले को एक दिन एक आईडिया सूझा जैसे किसी बेरोजगारी के मारे गरीब को आजकल
सूझता है की वह बाबा बन जाए तो मजे ही मजे हैं. गुब्बारे वाले ने गाँव में खबर फैलाई की उसके पास ईश्वरीय वरदान है की किसी को अपनी बात ईश्वर तक पहुंचानी हो तो वह मेरे गुब्बारे पर लिख कर हवा में छोड़ दे वह आसमान में ईश्वर के पास पहुँच जाएगा।ईश्वर के पास जाने वाले गुब्बारे सिर्फ उसी के पास हैं।प्रमाण चाहिए तो अपने गुब्बारे उड़ा कर देख लो वो ईश्वर की और नहीं जायेंगे। गुब्बारे वाले के पास देखते ही देखते भीड़ लगने लगी। बहुत समय तक वह गुब्बारे उडाता रहा, गाँव और सूबे का सिद्ध पुरुष समझा जाने लगा। धीरे धीरे उसने लोगो के भूत निकालने शुरू कर दिए, सुंदर लडकियो पर उसे भूत जल्दी दीखता था।कहा भी जाता है कि भूत सुंदर लडकियो को जल्दी पकड़ता है क्योंकि भूत उतारने वाले की रुचि उस सुंदर लड़की में होती है। एक दिन गाँव में एक मास्टर जी आये। उसने कहा गाँव में शिक्षा नहीं है, इसलिए स्कूल होना चाहिए, सिद्ध पुरुष की सहमती के बिना गाँव में कोई काम कैसे हो सकता था और सिद्ध पुरुष गाँव में स्कूल कैसे खोलने देता, गुब्बारे की मोनोऑक्साइड और कार्बन ऑक्साइड वाली बात बच्चो ने पढ़ ली तो दुकान बंद हो जायेगी। उसने एक कहानी गढ़ी की जो लोग ज्यादा पढ़ लेते हैं वही लोग ईश्वर दूर हो जाते हैं, घमंड बढ़ जाता है उनमे , बच्चो को उस मास्टर से दूर रखो , पढाओ मत। मास्टर ने उस सिद्धपुरुष का इतिहास खंगाला तो सचाई सामने आई की मामला तो धर्म की दूकान का है। मास्टर ने पूरे गाँव को एक दिन मजमे के लिए बुला लिया। गाँव भर को बताया की देखो मेरे पास भी वही गुब्बारे हैं जो आपके सिद्धपुरुष के पास हैं। आजतक आपने ईश्वर को सन्देश भेजे, अपने सिद्धपुरुष से पूछो किसी सन्देश का जवाब वापिस क्यों नहीं आया। गुब्बारे कैसे उड़ते हैं इसका वैज्ञानिक कारण है। मजमे में कुछ लोग सिद्धपुरुष के भी खड़े थे, उन्होंने मास्टर को पत्थर मारने शुरू कर दिए, नास्तिक कहना शुरू कर दिया,गाँव वाले भी आस्था के खिलाफ खड़े होने को तैयार नहीं थे। उन्होंने भी मास्टर को बुरा भला कहा। मास्टर लेकिन गाँव वालो का भला चाहता था, गाँव वाले चंगुल में फसे हैं यह मास्टर को समझ आ चुका था। 
इस कहानी को पूरा करिए। ….
या फिर इतनी ही कहानी धर्म के चंगुल में फसे लोगो को पढवाईए
शायद वो मास्टर जी को समझ सके और अपनी कहानी खुद पूरी करें
-वीरेंदर भाटिया

Friday, 6 September 2013

जमानत बढ़ाने की चौटाला की याचिका खारिज


नई दिल्ली : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की चिकित्सकीय आधार पर अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने संबंधी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज खारिज करते हुये कहा कि 'उन्हें अब और अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं है।' अदालत ने 78 वर्षीय चौटाला को 17 सितम्बर को तिहाड़ जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट
का उल्लेख करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने चौटाला की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति मृदुल ने कहा, मेरा विचार है कि अस्पताल में अब और भर्ती रहने की जरूरत नहीं है। मुझे उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के पीछे कोई आधार नहीं दिखता। तदनुसार अर्जी खारिज की जाती है।'
               न्यायमूर्ति मृदुल ने कहा, 'यद्यपि याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध पर जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाता है याचिकाकर्ता को 17 सितम्बर को जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया जाता है।' अदालत ने मेडिकल बोर्ड के विचार का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था, चौटाला को अस्पताल में भर्ती करने की कोई जरूरत नहीं है और उन्हें केवल नियमित चिकित्सकीय ध्यान देने और बाह्य रोगी विभाग में जांच की आवश्यकता है।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चौटाला में यह वर्तमान परेशानी उन्हें अस्पताल में पेसमेकर प्रत्यारोपण के लिए भर्ती किये जाने से पहले से है। रिपोर्ट के अनुसार चौटाला का वर्तमान समय में स्वास्थ्य लाभ और फिजियोथेरेपी अस्पताल में भर्ती हुए बिना जारी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समय उन्हें अस्पताल में भर्ती किये जाने की आवश्यकता नहीं है।
               इनेला नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता यूयू ललित ने कहा कि गत तीन महीने से वह चिकित्सकीय कारणों से अस्पताल से बाहर नहीं आये हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत है। चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला और 53 अन्य जूनियर बेसिक प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती घोटाले में अलग-अलग समय के लिए जेल में सजा काट रहे हैं। ललित ने दलील दी कि अदालत में उनकी अपील के निपटारे तक उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी जाए। अदालत ने उनकी सभी दलीलें अस्वीकार कर दी। चौटाला की याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई के लोकअभियोजक राजदीपा बहुरा ने कहा कि पेसमेकर प्रत्यारोपण के बाद अदालत ने उन्हें चिकित्सा के लिए पर्याप्त समय दिया है।

राव इंदरजीत ने दिए कांग्रेस छोड़ने के संकेत


नई दिल्ली। राबर्ट वाड्रा के खिलाफ संदिग्ध जमीन सौदे के आरोपों की जांच की मांग करने के बाद अपने पार्टी सहयोगियों के निशाने पर आए कांग्रेस सांसद राव इंदरजीत सिंह ने आज पार्टी से अलग हो जाने का संकेत दिया। सिंह से आज यहां जब संवाददाताओं से पूछा कि क्या उनकी कांग्रेस छोड़ देने की योजना है 'तब उन्होंने कहा, समय आने पर योजना सामने आ जाएगी। आपको इंतजार करना और देखना होगा।'
            पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग कांग्रेस द्वारा खारिज कर दिए जाने पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस का काम था और उन्हें जो करना था, वो उन्होंने किया। जब उनसे नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर को हरियाणा के रेवाड़ी में होने वाली भाजपा की पूर्व सैनिक रैली को संबोधित करने के कार्यक्रम के बारे में पूछा गया तो गुड़गांव के सांसद ने कहा, 'उनसे बातचीत नहीं की है। अतएव मेरा कोई विचार नहीं है। रैली के दौरान देखें उनका क्या कहना होता है, फिर मेरा कोई विचार होगा।'
             सिंह ने कहा कि हाल ही में उन्होंने जो गैर राजनीतिक मंच हरियाणा इंसाफ बनाया है, वह कभी राजनीतिक दल के रूप में नहीं उभरेगा। सिंह ने वाड्रा के मामले में भू.उपयोग का स्वरूप बदले जाने पर कहा था, 'मै महसूस करता हूं कि प्रशासन ने उस तरह काम नहीं किया, जिस तरह उसे करना चाहिए था। मेरा काम राबर्ट वाड्रा को अभियोजित करने का नहीं है। मेरा काम यह देखना है कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र में यदि किसी ने अवैध रूप से धन कमाया है, उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और यदि उसमें राबर्ट वाड्रा शामिल हैं, तो उन्हें भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।'

सोनिया के लौटते ही बढ़ेंगे डीजल, एलपीजी के दाम

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से डीजल, एलपीजी, केरोसीन के दाम बढ़ाने के बयान सत्ताधारी दल के नेतओं की ओर लगातार आ रहे हैं। अब ताजा खबर के मुताबिक सोनिया गांधी के अमरीका से लौटने पर दाम बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।
                 सूत्रों के अनुसार डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की कीमतें बढ़ाने पर कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में चर्चा हो सकती है। इसके बाद राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति इस पर मुहर लगाएगी। कीमतें बढ़ाने पर सूत्रों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रूपए में जोरदार गिरावट से तेल आयात सहित कई चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। इसके चलते कीमतें बढ़ाना मजबूरी हो गई है।

Thursday, 5 September 2013

विधायक गोपाल कांडा करीब 13 महीने बाद आज सिरसा लौटेंगे


सीडी खोलेगी आसाराम के काले कारनामे!

जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में फंसे आसाराम की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। पुलिस पूछताछ में आसाराम के सेवादार शिवा ने कई राज उगले हैं। इनमें आसाराम की एक गुप्त सीडी के बारे में बताया है। शिवा ने पुलिस को बताया कि इस सीडी में आसाराम द्वारा आश्रम में किए जाने वाले काले कारनामे दर्ज है। सीडी की बरामदगी के लिए पुलिस ने शिवा को तीन दिन की रिमांड पर और लिया है।
              वहीं आसाराम के राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में आश्रमों की जमीन की जांच भी शुरू हो गई है। आसाराम के कई आश्रम विवादास्पद स्थानों पर बने हुए हैं और विभिन्न राज्यों ने अब इस ओर ध्यान दिया है। इसके तहत गुजरात सरकार ने जूनागढ़ में आसाराम के आश्रम पर नोटिस देने की तैयारी कर ली है। वहीं भावनगर में जमीन हड़पने के मामले में बुधेल के पास लाखणका स्थित आश्रम को नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही इंदौर, भरतपुर और भीलवाड़ा में भी अतिक्रमण का मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हो गई। वहीं जोधपुर पुलिस अब छिंदवाड़ा आश्रम की वार्डन शिल्पी को पकड़ने पर ध्यान केद्रिंत करेगी।
आश्रम को दी जमीन की जांच के आदेश
           आसाराम का ट्रस्ट भी विवादों में है। लीज शर्तो के उल्लघंन और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में इंदौर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। खंडवा रोड पर लिंबोदी में 1998 में आसाराम गुरूकुल आश्रम को करीब 17 एकड़ जमीन लीज पर दी थी। लीज में शर्त थी, जमीन पर कोई निर्माण नहीं होगा, पर यहां बिल्डिंग बना दी गई।
           भरतपुर में करीब चार बीघा भूमि में बने आसाराम आश्रम कृषि भूमि पर बना पाया गया। इस भूमि का भू-रूपांतरण भी नहीं कराया गया। जिला कलक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भीलवाड़ा के हरणीखुर्द गांव में स्थित आश्रम के लिए एक बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। भीलवाड़ा कलक्टर औंकारसिंह का कहना था कि जमीन न्यास की है, कार्रवाई भी न्यास करेगा।
          भावनगर में जमीन हड़पने के मामले में बुधेल के पास लाखणका स्थित आश्रम को नोटिस जारी कर दिया है। भावनगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अनुसार यह आश्रम बिना पूर्व अनुमति के बनाया गया है। इसमें आश्रम के पक्ष रखने के बाद कार्रवाई होगी। इस मामले मेें भावनगर तहसीलदार ने भी आश्रम की जमीन की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जेल में रहेंगेराहत नहीं मिली है। तहसीलदार प्रज्ञाबेन गोंडलिया ने सभी रिकॉर्ड मंगवाए हैं। जानकारी के अनुसार आश्रम ने यह कब्जा खेती की जमीन पर किया है। इसमें दस कमरें, एक बड़ा प्रार्थना पत्र और परिसर है।
हाईकोर्ट जाएंगे आसाराम
          जोधपुर सत्र न्यायालय द्वारा बुधवार को जमानत अर्जी खारिज करने के बाद आसाराम फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी पेश कर सकते हैं। सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 15 सितंबर तक जेल भेज दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (जोधपुर जिला) मनोज कुमार व्यास की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद पुरोहित और उनके सहयोगी प्रद्युम्नसिंह जबकि आसाराम की ओर से के.के. मनन ने पैरवी की।
अभियोजन के तर्क
-जांच के दौरान पुलिस सब इंस्पेक्टर को प्रलोभन दिया।
-पुलिस उपायुक्त को धमकी दी।
-जमानत से जांच पर विपरीत प्रभाव की आशंका।
-पीडिता यौन दुराचार से सदमे में थी। इसलिए एफआईआर में देरी।
-पीडिता के नाबालिग होने के बारे में पूर्णतया दस्तावेजी साक्ष्य।
-मणाई आश्रम बहुत बड़ा है और घटनास्थल वातानूकुलित कमरा है। इस कारण पीडिता के चिल्लाने की आवाज बाहर नहीं आई।
-आरोपी का कृत्य भादसं की धारा 375 के तहत आता है। पोक्सो में भी अपराध साबित।
-सहआरोपी शिवा से पूछताछ और वार्डन शिल्पी की गिरफ्तारी बाकी।
शिल्पी की गिरफ्तारी पर असमंजस
         वही इस मामले में अब तक फरार छिंदवाड़ा आश्रम वार्डन शिल्पी जोधपुर पुलिस की गिरफ्त से फरार है। मामले के खुलासे के बाद से ही शिल्पी भूमिगत हैं। पीडित नाबालिग लड़की को आसाराम तक पहुंचाने में शिल्पी ने अहम भूमिका निभाई थी। वहीं पुलिस को आश्रम के सेवादार शिवा उर्फ सवा से शिल्पी के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। शिवा तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। जानकारी मिलने के बाद जल्द ही पुलिस शिल्पी को पकड़ने के लिए दल गठित करेगी। हालांकि अभी तक पुलिस का पूरा ध्यान आसाराम की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ पर ही था। मामले में और सबूत इकट्ठे करने में शिल्पी मददगार साबित हो सकती है।
जेल में जारी आवभगत
         जोधपुर जेल प्रशासन आसाराम की आवभगत में जुटा है तो वहीं वह भी कैदियों को "प्रवचन" सुना कर आरोपों पर सफाई दे रहे हैं। आसाराम को बाहर का खाना मुहैया कराया जा रहा है। इस बीच आसाराम द्वारा शिकायत करने पर उनकी मेडिकल जांच भी की गई।

Tuesday, 3 September 2013

चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में किए बड़े खुलासे... letter to Chief Justice of Punjab & Haryana High Court, Chandigarh by victims of Dera Sachcha Souda Cases

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को लिखे पत्र में पीडि़त परिवारों ने खुलासा किया है कि डेरा सच्चा सौदा गुरमीत सिंह ने कब-कब और कैसे-कैसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। सरकार के नुमाइंदों और न्याय के मंदिर के पुजारियों का नाम सहित फोड़ा भांडा। देखिए क्या लिखा है इस पत्र में...........


सेवा में,
        माननीय चीफ जस्ट्सि महोदय,
        पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय,
        चंडीगढ़।

विषय : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह से सम्बंधित केसों की सुनवाई कर रहे पंचकूला स्थित सीबीआई के विशेष जज श्री नाजर सिंह का एकाएक तबादला संदेह के घेरे में।

माननीय,

        डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के जुल्मों से पीडि़त परिवार आपसे निम्नलिखित निवेदन करते हैं।

1.    यह कि सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह वास्तव में कितना प्रभावशाली है इसे हरियाणा व पंजाब के लोग भलीभांति जानते हैं। देश की गंदी सियासत का लगभग हर सियासतदान व छुटभैया वोटों के लालच में इस तथाकथित संत के आगे नतमस्तक होता है।

2.    डेरा प्रमुख पर एक पत्रकार एवं एडवोकेट रामचन्द्र छत्रपति के कत्ल का मामला और दूसरा कुरुक्षेत्र के निवासी और डेरा प्रमुख के श्रद्धालु रणजीत सिंह के कत्ल का केस व तीसरा अपनी ही अनेकों साध्वियों से बलात्कार का अति संगीन मामला सीबीआई की पंचकूला स्थित विशेष अदालत में लंबित है। डेरा प्रमुख को इन तीनों मामलों में लंबी कवायद व जांच के बाद मुख्य आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि अब यह तीनों मामले अपने निर्णायक दौर में हैं। एकाएक ऐसे समय में सीबीआई के विशेष जज श्री नाजर सिंह का तबादला कर दिया जाना बहुत बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है। पीडि़त पक्ष द्वारा इस तबादले पर उंगली उठाने के कई ठोस व अकाट्य तर्क हैं। क्योंकि अभी इस विशेष जज का न तो पंचकूला कोर्ट में निर्धारित समय पूरा हुआ है और न ही उनके खिलाफ पीडि़त पक्ष की कोई शिकायत है। उक्त मामलों की गवाहियां नाजर सिंह के समक्ष हुई हैं और वे इन मामलों से बखूबी वाकिफ हैं। और तो और इस तबादले को लेकर डेरा पक्ष जबानी शेखियां बखार रहा है और मिठाई बांटकर खुशी मना रहा है। डेरा के कारिंदे यह कहते भी सुने गए हैं कि यह तबादला डेरा प्रमुख के प्रभाव से हुआ है। पीडि़त परिवारों को इस बात में लेश मात्र भी संदेह नहीं है कि तबादला अचानक किसके इशारे पर क्यूं हुआ है। इससे पूर्व जिन हालातों में डेरा प्रमुख को अग्रिम जमानत व फिर नियमित जमानत मिली वह भी जग जाहिर है। हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्ट्सि विजेन्द्र जैन मुख्यमंत्री हरियाणा के साथ घी-खिचड़ी थे। डेरा प्रमुख की जमानत के बाद जैन ने अपने मित्रों में एक अनौपचारिक टिप्पणी की थी जिसमें कहा गया कि डेरा प्रमुख को जमानत देना हमारी मजबूरी थी। काबिलेजिक्र है कि सीबीआई के स्पैशल जज श्री नाजर सिंह से पूर्व जिस जज से डेरा के लोगों की फिट नहीं बैठी उसे उन्होंने चेन से नौकरी नहीं करने दी। इसी के चलते जज श्री एके नारंग समय पूर्व ही स्वेच्छा से तबादला करवा गए। इन मामलों में सबसे पहले सीबीआई के जज रहे श्री आरके सैनी ने डेरा प्रमुख की नियमित जमानत पर लंबी बहस सुनने के बाद जमानत दे दी। शायद रेप और मर्डर के आरोपों में घिरे किसी भी आरोपी का यह पहला मामला होगा जिसमें सारी गवाहियों को नजर अंदाज कर न्यायालय ने जमानत दे दी हो। उनके बाद जज रहे श्री एके वर्मा ने गवाह द्वारा डेरा प्रमुख के खिलाफ दिए बयान को ही अनसुना कर दिया। गवाह के बार-बार दोहराने पर भी वर्मा ने डेरा प्रमुख के खिलाफ लिखने की हिम्मत नहीं जुटाई। माननीय, हम पीडि़त परिवार विगत 10 वर्षों से न्याय की बाट जोह रहे हैं। परन्तु इस सिस्टम में एक आम व्यक्ति को आखिरी उम्मीद न्यायालय से ही बचती है और इन मामलों में उच्च न्यायालय ने शीघ्र निपटारे के भी दिशा-निर्देश दिए थे। मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए जज श्री नाजर सिंह ने गवाहों को प्रतिदिन बुलाना शुरू कर दिया और उक्त मामले निपटारे के बिल्कुल नजदीक पहुंच गए थे। परन्तु ऐन वक्त पर श्री नाजर सिंह का तबादला कर दिया गया। यहां काबिले गोर है कि जज श्री नाजर सिंह ने डेरा प्रमुख के अधिवक्ता की नाजायज मांगों को भी मानने से इंकार कर दिया था, जिसके चलते डेरा पक्ष श्री नाजर सिंह से खफा था। पीडि़त परिवारों को लगता है कि इस तबादले से उक्त केसों के शीघ्र निपटारे में भी दिक्कतें आ सकती हैं।

3. डेरा सच्चा सौदा के दबाव में यदि न्यायिक प्रक्रिया में भी इस प्रकार का अवरोध पैदा होगा तो पीडि़त परिवारों की शेष बची उम्मीद भी समाप्त हो जाएगी और उनका कानून से विश्वास उठ जाएगा।

पीडि़त
अंशुल छत्रपति
688/बी, सेक्टर 20, हुडा,
सिरसा, हरियाणा
मो. 094161-67677


जोगेंद्र सिंह
गांव खानपुर कोलियां,
जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर भी शीघ्र कसा जाए शिकंजा : अंशुल छत्रपति ... Who is shaltering Dera Sachcha Souda's head Gurmeet Ram Rahim?

पीडि़त परिवारों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को लिखा पत्र

हत्या तथा यौन शोषण मामलों का शीघ्र निपटारा कर रहे जज के अचानक तबादले पर उठाए सवाल

चंडीगढ़, 03 सितंबर। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह पर चल रहे हत्या तथा बलात्कार के मामलों का शीघ्र निपटारा होना चाहिए। डेरा प्रमुख के इशारे पर सरकार द्वारा मामले को लटकाने के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में मामले की सुनवाई कर रहे विशेष सीबीआई अदालत के जज नाजर सिंह का तबादला किया जाना भी संदेहजनक है। इस संबंध में पीडि़त परिवारों ने एक पत्र पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी लिखा है। यह बात आज उपरोक्त मामलों के पीडि़त परिवारों ने यहां प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। गौरतलब है कि सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति तथा डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के इशारे पर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा डेरा प्रमुख पर उसकी ही साध्वियों ने यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। तीनों मामलों की सीबीआई जांच के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह पर आरोप तय हुए थे। सीबीआई की विशेष अदालत में उपरोक्त मामलों की सुनवाई निर्णायक दौर में है।
            अंशुल छत्रपति ने कहा कि आम मामलों में बलात्कार व हत्या के आरोपियों को पुलिस मामला दर्ज होने से पहले ही गिरफ्त में ले लेती है। यहां तक कि आसाराम के मामले में भी पुलिस ने मामला दर्ज होते ही गिरफ्तारी कर ली। उन्होंने कहा कि सरकार की शह के चलते डेरा प्रमुख को अब तक खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने कहा कि संभवत: यह भारतीय इतिहास का ऐसा पहला मामला होगा जिसमें किसी व्यक्ति पर यौन शोषण और हत्या जैसे मामलों में आरोप तय हो चुके हों लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और यहां तक कि उसे न्यायालय द्वारा नियमित जमानत भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख द्वारा शुरू से ही मामले को प्रभावित करने के लिए अनेक ओछे हथकंडे इस्तेमाल किए गए। अब जब मामला निर्णायक दौर में है और सीबीआई के विशेष जज नाजर सिंह मामले को तुरंत निपटाने के लिए प्रयासरत हैं, ऐसे में डेरा प्रमुख के दबाव में सरकार द्वारा जज को स्थानांतरित करना आमजन का न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास खत्म करेगा। छत्रपति ने बताया कि उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह और सरकार की मिलीभगत से उन्हें अवगत करवाया है।
             पीडि़त परिवारों ने कहा कि जिस वोट बैंक का लालच सरकार कर रही है, उसकी पोल तो पिछले पंजाब एवं यूपी विधानसभा चुनावों में खुलकर सामने आ चुकी है। जगजाहिर है कि पंजाब विधानसभा चुनावों में डेरा सच्चा सौदा द्वारा कांग्रेस का खुलकर समर्थन किया गया था जबकि वहां कांग्रेस को अकाली दल से मुंह की खानी पड़ी। यहां तक कि डेरा प्रमुख के समधी जस्सी को भी डेरा का वोट बैंक जिता नहीं पाया। ऐसे में सरकार किस वोट बैंक का वहम पालकर यौन शोषण और हत्या जैसे आरोपों में घिरे व्यक्ति के आगे नतमस्तक है।
            अंशुल छत्रपति ने कहा कि देश के कानून को अपना कार्य ईमानदारी से करना होगा। यदि देश में हैसियत के हिसाब से अलग-अलग कानून होगा तो लोगों का न्यायपालिका से विश्वास उठ जाएगा। आम लोगों को न्याय की उम्मीद न्यायालय से ही बची है। यदि यहां से भी वे नाउम्मीद होंगे तो यह देश के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा।

डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को पंचकूला पेश होने के आदेश... Order to Dera Sachcha Souda Head to appear in person

साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 सितंबर को बुलाया

हत्या मामलों में 10 सितंबर को होगी पेशी

सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए हैं। गुरमीत सिंह को आगामी 17 सितंबर को पंचकूला कोर्ट में हाजिर होना होगा। अदालत में उस दिन साध्वी यौन शोषण प्रकरण में सुनवाई होगी। इसके अलावा पत्रकार छत्रपति तथा रणजीत हत्याकांड में आगामी पेशी 10 सितंबर को होगी। आज डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने 10 बजे अदालत में हाजिरी लगाई। शाम पांच बजे तक अदालत में सुनवाई चली। अदालत ने साध्वी यौन शोषण प्रकरण में निर्देश जारी किए। विशेष अदालत के जज नाजर सिंह ने आगामी 17 सितंबर को डेरा प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए। इस दिन अदालत में गुरमीत सिंह से बयान लिए जाएंगे। इसके अलावा अदालत ने पत्रकार छत्रपति व रणजीत मर्डर केस में जांच अधिकारी रहे तत्कालीन एएसपी अरमानदीप सिंह को 10 सितंबर को अदालत में गवाही के लिए बुलाया है। गौरतलब है कि आरोपी डेरा प्रमुख इस दिन सिरसा से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाजिरी लगाएगा।

जल्द ही लद सकते हैं फर्जी बाबाओं के दिन

नई दिल्ली. स्वयंभू और फर्जी बाबाओं के दिन जल्द ही लद सकते हैं। संतों की संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जल्द ही फर्जी संतों की लिस्ट जारी करने का फैसला किया है। परिषद इस सूची को केंद्र सरकार को सौंपेगी ताकि सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई कर सके। परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास ने इस बारे में कहा है कि गलत काम करने वाले कई लोग संत समाज में घुस गए हैं और ये लोग आध्यात्म में रमने वाले असल लोगों की छवि खराब कर रहे हैं।
       दूसरी तरफ, इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में स्वयंभू बाबाओं व ज्योतिषियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की नियामक संस्था बनाने की मांग की गई है। याचिका उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी व सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने लगाई है। इस पर सुनवाई बुधवार को होगी। याचिका में कहा गया है कि देश में बड़ी संख्या में ज्योतिषि और स्वयंभू भगवान, बाबा और धर्मगुरु हैं। इनका लोगों पर काफी असर है। इनमें से अधिकांश अपनी सेवाओं के बदले लोगों से विभिन्न रूपों में धन पाते हैं।
 

मां, बेटी, सास से दूर रहें संत: बाबा रामदेव

हरिद्वार। साधु-संतो को मां, बेटी और सास से दूरी बनाए रखना चाहिए। हिन्दू धर्मग्रन्थों में साधु-संतों को
        बाबा रामदेव ने आसाराम का नाम लिए बिना कहा कि जिस भी साधु-संत ने इस आर्दश का उल्लंघन किया, वह मुसीबत में फंसा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज आरोपों का सामना कर रहे हैं और कुछ को कल इस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है अगर धर्मग्रन्थों के सुझावों का उल्लंघन किया गया।
महिलाओं से दूर रहने को कहा गया है। बाबा रामदेव ने ये सलाह दी है आसाराम के यौन उत्पीड़न मामले में फंसने के बाद।

फेसबुक ने मानी गलती, भारतीय छात्र को मिलेंगे 8 लाख

नई दिल्ली। फेसबुक पर हाल ही में यूजर्स की निजी जानकारी स्पोन्सर्ड स्टोरी में काम लेने पर अदालत ने मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके ठीक बाद ही एक इंजीनियर ने फेसबुक में एक बेजा कमी को बताया है। फेसबुक ने इस इंजीनियर को करीब 8 लाख 25 हजार का तोहफा देने का फैसला किया है।
           खबरों के अनुसार अरूल कुमार नाम के इस इंजीनियर छात्र ने फेसबुक को बताया कि इसकी साइट पर किसी भी फोटो को डिलीट किया जा सकता है। हालांकि पहली बार में फेसबुक ने अ
        उल्लेखनीय है कि अरूल न तो साफ्टवेयर इंजीनियर है और न ही प्रोग्रामर। उसने इलैक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन में हाल ही में इंजीनियरिंग की है। फिलहाल वह चेन्नई में काम की तलाश कर रहा है।
रूल के दावे को कमजोर बताते हुए खारिज कर दिया। लेकिन जब अरूल ने फेसबुक फाउंडर मार्क जुकरबर्ग के फेसबुक प्रोफाइल पर एक फोटो डिलीट करने का वीडियो भेजा तो उसके दावे को मान्यता दी गई।

Monday, 2 September 2013

14 दिन की जेल

रेप करने में सक्षम पाए गए आसाराम

बीमारी की बात भी निकली झूठी

नई दिल्ली।  नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में फंसे कथावाचक आसाराम बापू को अब 14 दिनों तक जेल में गुजारने होंगे। आसाराम को आज जोधपुर कोर्ट में पेश किया गया जहां से जज ने उन्‍हें न्‍यायिक हिरासत में भेजने का हुक्‍म दिया। कोर्ट के फैसले के बाद आसाराम के समर्थनों ने अदालत परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया। आसाराम को सेंट्रल जेल जाया जा रहा है, जहां उनके लिए एक अलग कमरा बनाया गया है।

सीरियल रेपिस्ट जेल से फरार,दहशत में महिलाएं

बेंगलूरू। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरू के उच्च सुरक्षा वाली परप्पन अग्रहार जेल में बंद एक खतरनाक विक्षिप्त दुष्कर्मी और हत्यारा जयशंकर (36) रविवार तड़के तडके जेल से फरार हो गया। मूलत: तमिलनाडु के रहने वाले जयशंकर पर 30 रेप और 15 हत्या करने के मामले चल रहे हैं। जयशंकर के फरार हो जाने से एक बार फिर उसके खौफ से दहशत का माहौल बन गया है। वह घर पर अकेली रहने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था और दुष्कर्म के बाद उसने कई बार पीडिताओं की हत्या कर दी। कई मामलों में उसने पति को बांधकर उसके सामने पत्नी का दुष्कर्म करके उसकी हत्या कर दी है।
             दो दिन पहले जयशंकर को एक मामले में अदालत के समक्ष पेश करने के लिए जेल से बाहर ले जाया गया था। इसके बाद उसने बीमारी का बहाना बनाया और उसे जेल के अंदर बने अस्पताल में भर्ती कराया गया। जयशंकर इसी अस्पताल से पुलिस की वर्दी पहनकर फरार हुआ है। सूत्रों के मुताबिक सुबह तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान कुछ देर के लिए बिजली गुल हुई और उसने मौके का फायदा उठाते हुए जेल की ऊंची चहारदीवारी पर लगाए गए इलेक्ट्रिक बाडे को पार कर लिया।
पहले भी दे चुका है पुलिस को गच्चा
         उसने जेल से फरार होने के लिए अंदर बनी 15 फुट ऊंची दो दीवारें और 30 फुट ऊंची एक बाहरी चहारदीवारी को रस्सियों, बेडशीट, रबर से बने दस्ताने और पुलिस के बेल्ट का इस्तेमाल किया। उसने ये चीजें 2011 से जेल में बंद होने के दौरान इकट्ठी की थीं। सूत्रों के अनुसार वह पहले भी पुलिस के चंगुल से कई बार बचा है और ऎसी ही एक घटना तमिलनाडु की है, जहां कोयम्बटूर से सलेम जेल ले जाते समय वह फरार हो गया था।
तीन प्रदेशों में मचा रखा था आतंक
            पुलिस के अनुसार उसने कर्नाटक के साथ ही तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में आतंक मचाया हुआ था। उसे कर्नाटक में 20 से अधिक गंभीर मामलों में आरोपी ठहराया गया है। तमिलनाडु में पुलिस के चंगुल से फरार होने के बाद उसे कर्नाटक में बीजापुर जिले के झल्की में गत वर्ष मई में गिरफ्तार किया गया था। जयशंकर को एक मामले में दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी और उस पर कर्नाटक में कई मामले चल रहे थे।
थी पूरी तैयारी,बस मौका की थी तलाश
           सूत्रों के अनुसार बीमारी के बहाने से जेल की अस्पताल में रहने के दौरान जयशंकर ने किसी तरह अपने वार्ड की डुप्लीकेट चाभी हासिल कर ली और मौका मिलते ही वहां से निकल गया। तीन तीन ऊंची दीवारें पार करने के दौरान वह जख्मी भी हुआ है क्योंकि दीवार पर कई जगह खून के धब्बे लगे हैं और दीवार के पार भी खून देखा गया है। ऎसा माना जा रहा है कि उसने पुलिस की वर्दी उन्हें धोने के बहाने से हासिल की होगी और भागने में इस्तेमाल की गई रस्सी जेल में बनाई गई है। जेल के अंदर कैदी कुछ सामान बनाने का काम करते हैं।
जेल अधिकारी समेत 11 सस्पेंड
             इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त (जेल) सीवी माथ सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) केवी गगनदीप ने सहायक पुलिस आयुक्त (जेल) सी वी माथ, प्रमुख वार्डन महंतेश, मुख्य वार्डन मोहन और जयशंकर के जेल से फरार होने के समय वहां तैनात सात अन्य वार्डन के निलंबन का आदेश दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जयशंकर की तलाश शुरू कर दी गई है।

28 साल के पिता को मुखाग्नि देगा 52 साल का बेटा

शायद ऐसा पहली बार होगा जब 52 साल का बेटा अपने 28 वर्षीय पिता को मुखाग्नि देगा. हरियाणा के मीरपुर गांव के रामचंद्र यादव अब अपने फौजी पिता हवलदार जगमाल सिंह के शव का इंतजार कर रहे हैं, जो पिछले 45 सालों से ग्‍लेशियर में दबा हुआ था. उन्‍होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि पिता की हवाई हादसे में हुई मौत के 45 साल बाद वे उनकी चिता को मुखाग्नि दे पाएंगे. लेकिन अब ऐसा होने जा रहा है. कुछ दिनों पहले सेना ने लेह के पास ग्लेशियर के नीचे दबे उनके पिता का शव बरामद किया.
          उत्तरी हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी ढक्‍का ग्‍लेशियर में 7 फरवरी 1968 को भारतीय वायु सेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था, जिसमें जगमाल सिंह की मौत हो गई थी. भारतीय सेना के डोगरा स्‍काउट्स ने अब 45 साल बाद एक अभियान के तहत ढक्‍का ग्‍लेशियर से जगमाल सिंह का शव बरामद कर लिया है. सेना की टीम ने दावा किया है कि उन्‍होंने जगमाल की वर्दी, आईकार्ड और जेब में मिली इंश्‍योरेंस पॉलिसी की रसीद से उनकी पहचान की है.
             जगमाल के शव को हवाई जहाज से चंडीगढ़ लाया जाएगा, जहां से उन्‍हें उनके पैतृक गांव मीरपुर भेज दिया जाएगा. यहां पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा. खुद भी सेना से रिटायर हो चुके रामचंद्र कहते हैं, 'मैं तब सिर्फ 6 साल का था जब यह हादसा हुआ. अब मैं 52 साल का हो गया हूं और मुझे अपने 28 साल के पिता का शव मिल जाएगा.'

Sunday, 1 September 2013

खाद्य सुरक्षा अधिनियम से लोगों को मिला रोटी का अधिकार : सांसद

जन-जन को फायदा पहुंचाने का कार्य करें कार्यकर्ता

सिरसा। सांसद डा अशोक तंवर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक- 2013 व भूमि अधिग्रहण विधेयक यू पी ए सरकार का एक महान कदम है। सरकार के ये दोनों निर्णय इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे। डा तंवर आज कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे।
    उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे सरकार के निर्णयों , नीतियों व कार्यक्रमो को जन- जन तक पहुचांए ताकि जरूरतमंद लोगो को लाभ मिले और प्रत्येक नागरिक  देश की प्रगति का हिस्सा बन सके। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक से लोगो को रोटी का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के लागू होने से 85 करोड़  लोगो को सस्ता अनाज मिलेगा। इसके साथ -साथ हरियाणा में भी एक करोड 30 लाख लोगो को तीन रूपए किलो चावल, दो रूपए किलो गेंहू तथा एक रूपए किलो मोटा अनाज मिलेगा।  उन्होंने कहा कि हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जहां खाद्य सुरक्षा विधेयक- 2013 का सबसे पहले क्रियान्वयन किया गया है।  उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकार व प्रशासन किन्ही कारणो से पात्र लोगो को सस्ता अनाज उपलब्ध नहीं करवा पाते तो पात्र लोगो को खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ - साथ खाद्य सुरक्षा योजना में पूरी पारदर्शिता बरतने में राज्य स्तर पर खाद्य सुरक्षा आयोग का भी गठन किया जाएगा।
    डा तंवर ने कहा कि यू पी ए सरकार ने बहुप्रतीक्षित भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और व्यवस्थापन विधयेक को पारित करवाकर किसानों को भी लाभान्वित किया है। यह बिल अंग्रेजी हकुमत के समय 1894 में बनाए गए कानून का स्थान मिलेगा। इस बिल के पास होने से भूमि अधिग्रहण के परिणामस्वरूप इसके समाजिक व आर्थिक स्थिति में बेहतरी निश्चित है। विधेयक ने किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने के इलावा इनके पुनर्वास और व्यवस्थापन के मुक्कमल प्र्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा है कि बिल के तहत जमीन मालिको को अधिगृहित जमीन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार की कीमत से  चार गुणा और शहरों में दो गुणा मुआवजा मिलेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे सरकार के कार्यक्रमों  का प्रचार प्रसार करें और विपक्ष के भ्रामक प्रचार का माकुल जवाब दें। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी तरह की गुटबाजी से ऊपर उठ कर सरकार और पार्टी के लिए कार्य करें। वर्तमान में पूरे हरियाणा में खाद्य सुरक्षा विधेयक - 2013 के प्राथमिक परिवारों का सर्वे किया जा रहा है । पार्टी कायकर्ता इस सर्वे में प्रशासन का सहयोग करे और सुनिश्चित करे कि कोईभी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा योजना की सूचि से वंचित न रहे। इस अवसर पर  मणिराम केहरवाला, जिला कांग्रेस प्रधान मलकीत सिंह खोसा, पूर्व प्रधान होशियारी लाल शर्मा, भुपेश मैहता , लादू राम पुनियां , ओम प्रकाश,अमित सिहाग युथ कांग्रेस अध्यक्ष हरियाणा, लोकसभा क्षेत्र प्रभारी आन्न्दवीर गिल्लाखेडा, शेर सिंह प्रधान, जग्गा सिंह , नवीन केडिया, अमित सोनी सहित अन्य मौजूद थे।

अवैध अस्ले सहित दो काबू

सिरसा। सदर थाना सिरसा पुलिस ने गश्त व चैङ्क्षकग के दौरान 2 व्यक्तियों को 12 बोर की एक अवैध पिस्तौल व 2 ङ्क्षजदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजू उर्फ बूटा ङ्क्षसह पुत्र खुशहाल ङ्क्षसह व सुखदेव ङ्क्षसह पुत्र दयाल ङ्क्षसह निवासी रानियां के रुप में हुई है। पुलिस ने अवैध पिस्तौल व कारतूस कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम के तहत थाना सदर सिरसा में अभियोग दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को सिरसा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में सिरसा जेल भेजा गया है।

सिरसा विकास मोर्चा का गठन

सिरसा। समस्याओं का समाधान करवा कर शहर का विकास करवाने के मकसद से आज नगर के अनेक समाजिक कार्यकर्ताओं ने सिरसा विकास मोर्चा का गठन किया है।  इस संबंध में  जानकारी देते हुए मोर्चा के संयोजक प्रदीप सचदेवा ने बताया कि सामाजिक संस्थाओं के मध्यम से नगर में सेवारत सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक आज सिरसा दिवस के अवसर पर शिवाजी मार्किट में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास में बाधक बन रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्तिथजनों ने शहर की सीवरेज, सड़क और सफाई व्यवस्था की बदहाली पर चिंता व्यक्त करने के साथ -साथ अव्यवास्तिथ यातायात,अतिक्रमण और आवारा पशुओं की समस्या को भी नगर की गंभीर समस्याएं करार दिया। बैठक में उपस्थितजनों का मत था की इन समस्याओं के समाधान के लिए जहां प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए वहीं नगरवासियों को भी इनके समाधान के लिए हर तरह का सहयोग देना चाहिए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नगर के अधिक से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को मोर्चा के साथ जोड़कर सिरसा को अति विकसित शहर बनाने में उनका योगदान लिया जाए। बैठक में मोर्चा की सात सदस्यीय कोर कमेटी,पांच सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल तथा 31 सदस्यीय वर्किंग कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। बैठक में सुभाष चुघ, पंकज कमरा, प्रदीप सचदेवा, सर्वजीत एलावादी, वरुण छाबड़ा, टोनी सागू, प्रभु दयाल, सतीश सचदेवा, नवदीप धुडिय़ा सहित अन्य उपस्तिथ थे।

ताऊ का शताब्दी जन्मदिवस

माधोसिंघाना में शुरू हुई खेल प्रतियोगिताएं

सिरसा। पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के शताब्दी जन्मदिवस को पूरा सितंबर माह श्रद्धा व उल्लास से मनाने की कड़ी की शुरूआत आज युवा इनेलो व इनेलो खेल प्रकोष्ठ के तत्वावधान में गांव माधोसिंघाना से हुई। गांव में आज वृहद स्तर पर एथलेटिक्स, रस्साकशी, कबड्डी आदि के मुकाबले आयोजित किए गए जिसमें करीब 500 से अधिक खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों की शुरूआत इनेलो हलकाध्यक्ष अभय सिंह खोड व युवा इनेलो के जिलाध्यक्ष धर्मवीर नैन ने बतौर मुख्यातिथि की। श्री खोड ने कहा कि खेलों के आयोजन से जहां युवाओं को स्वयं को शारीरिक  रूप से तंदुरूस्त रखने में सहायता मिलती है वहीं इससे वे नशों जैसी सामाजिक कुरीतियों से भी बचे रहते हैं।

आसाराम को कहां ले गई पुलिस, सस्पेंस बरकार

जोधपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोप में छुपते फिर रहे आसाराम बापू का लुकाछुपी का खेल शनिवार देर रात खत्म हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उनका हर पैतरा उल्टा पड़ा। हाई प्रोफाइल ड्रामे के बीच जोधपुर पुलिस ने उन्हे आधी रात को करीब 12.25 बजे इंदौर आश्रम से अरेस्ट कर लिया। आसाराम को पुलिस अब इंदौर से वाया दिल्ली होते हुए जोधपुर लाई है।
एयरपोर्ट से बाहर आने में की आनाकानी
        नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार आसाराम बापू की नौटंकी खत्म नहीं हुई। इंदौर से दिल्ली होते हुए जोधपुर पहुंचे आसाराम ने कहा कि मैं बेकसूर हूं, कुछ लोग मुझे सता रहे हैं, फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, एयरपोर्ट के भीतर ही वह इस बात की जिद्द पर अड़ गए की वह जेल या हवालात नहीं जाएंगे। उनका कहना था की हवालात जाने से अपवित्र हो जाउंगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि उन्हें पुलिस गेस्ट हाउस में रखा जाएगा। तब जाकर वह एयरपोर्ट से बाहर आने को राजी हुए।
जोधपुर शहर में सुरक्षा कड़ी
         आसाराम की गिरफ्तारी के बाद, उनके समर्थकों द्वारा हंगामे और माहौल बिगड़ने की आशंका के चलते जोधपुर पुलिस ने शहर में सुरक्षा के कड़ी कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आसाराम को जोधपुर एयरपोर्ट से शहर के सीमावर्ती डांगियावास थाने ले जाया गया है। वहीं, यह भी खबर है कि पुलिस उन्हें घटनास्थल की तस्दीककराने ले गई है। जब पुलिस के वाहनों का काफिला आसाराम को लेकर एयरपोर्ट से निकला तो सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ लग गई। कुछ जगह लोग आसाराम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पूछताछ के बाद आसाराम को पुलिस कोर्ट में पेश कर सकती है। इस मामले में आसाराम का सेवादार शिवा निर्घारित समयावधि से दो दिन बाद शनिवार दोपहर अधिवक्ता के साथ डीसीपी कार्यालय पेश हुआ। बाद में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
शहर की सीमा पर कड़ी नाकेबंदी
         जोधपुर पुलिस यहां पाल रोड़ स्थित आसाराम के आश्रम को खाली करवाकर सीज कर चुकी है। गिरफ्तारी के बाद आसाराम के समर्थकों के जोधपुर में जुटने की आशंका को देखते हुए शहर की प्रवेश सीमा तथा मुख्य राजमार्गो पर नाकेबंदी की गई है। पुलिस किसी भी सूरत मे उनके समर्थकों को जोधपुर में जमा नहीं होने देना चाहती। मालूम हो की देर रात जब इंदौर में जोधपुर पुलिस आसाराम को गाड़ी से लेकर बाहर निकली तो आसाराम समर्थकों ने विरोध किया। आसाराम के जाने के बाद समर्थकों ने आश्रम से पथराव शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा।
यूं चला घटनाक्रम
          इससे पहले, शुक्रवार को भोपाल से भाग कर आए आसाराम शनिवार को दिनभर इंदौर के खंडवा रोड स्थित आश्रम में दुबके रहे। हालांकि उनकी उपस्थिति को लेकर शनिवार दोपहर तक ऊहापोह की स्थिति थी। उनके इंदौर से लेकर रतलाम तक छुपे होने की बात कही जा रही थी। शाम करीब 4.45 बजे आसाराम के बेटे नारायण सांई ने खुलासा किया कि आसाराम आश्रम में ही हैं और बीमार है। नारायण सांई ने कहा, "हम कहीं भाग नहीं रहे हैं, हम जोधपुर पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।" शाम को कलेक्टर और डीआईजी भी आश्रम पहुंचे। रात करीब 8 बजे जोधपुर पुलिस की एक टीम आश्रम पहुंची। टीम में दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। जोधपुर पुलिस के अंदर जाने के बाद करीब 8.45 बजे आसाराम के प्रवचन शुरू हो गए। प्रवचन के बाद कुछ देर के लिए जोधपुर पुलिस से बात कर आसाराम फिर कुटिया में चले गए। रात 11 बजे आसाराम से फिर पूछताछ शुरू हुई। आसाराम के जवाबों से संतुष्ट न होने पर रात 12.25 बजे आसाराम को जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 
पीडिता के पिता ने तोड़ा अनशन
          पीडिता के परिजन आसाराम की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट में शनिवार को अनशन पर बैठ गए थे। उनके साथ कुछ रिश्तेदार और स्थानीय लोग भी थे। पीडिता के पिता ने कहा था कि जब तक आसाराम की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। शनिवार देर रात आसाराम के गिरफ्तार हो जाने के बाद उन्होंने जूस पीकर अपना अनशन तोड़ दिया। 
आसाराम पर मानहानि का वाद दायर -
             नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में खुद को आरोपी बनाए जाने के पीछे मैडम (सोनिया गांधी) और उनके पुत्र (राहुल गांधी) का हाथ बताने वाले आसाराम के बयान पर शैलेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को प्रथण श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में परिवाद दायर किया। 
               द्विवेदी का कहना है, नाबालिग ने दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई और धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए हैं। परिवाद में आसाराम के खिलाफ मानहानि के साथ धार्मिक उन्माद भड़काने का आरोप भी है। इस पर सुनवाई 19 सितंबर को होगी। बताया जाता है कि गुजरात, राजस्थान, दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर लोग आसाराम के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। पुलिस अधिकारियों की तेज गतिविधियों से आसाराम के जल्द गिरफ्तारी होने की संभावना से भी हलचल मची हुई है। 
ये है यौन उत्पीडन का मामला
            मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में छात्रावास में रहने और आसाराम के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने वाली 16 वर्षीया किशोरी का झाड़-फूंक के बहाने यौन उत्पीड़न किया गया। बीते 20 अगस्त को 16 वर्षीया किशोरी ने इस बारे में दिल्ली के पुलिस थाने में 72 वर्षीय आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के आश्रम में उसका यौन उत्पीड़न किया। आसाराम ने इन आरोपों का खंडन किया और उनके बेटे ने किशोरी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला दिया।
          आसाराम के खिलाफ नाबालिग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत 21 अगस्त को जोधपुर पुलिस को हस्तांतरित कर दी गई थी। आसाराम को पूछताछ के लिए 30 अगस्त से पहले जोधपुर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए 27 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था। प्राथमिक तहकीकात के दौरान पता चला है कि किशोरी, उसके अभिभावक और आसाराम बापू 15 अगस्त को वहां उपस्थित थे। आश्रम की जमीन के मालिक ने पुलिस को बताया कि किशोरी और उसके माता-पिता आसाराम से मिलने आश्रम आए थे। आसाराम पर यौन उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण अधिनियम और भारती दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान आसाराम देश छोड़कर न भाग पाएं इसलिए उन पर नजर भी रखी जा रही थी।