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सच और झूठ के बीच कोई तीसरी चीज नहीं होती और मैं सच के साथ हूं : छत्रपति       www.poorasach.com      

Friday 11 July 2014

विवाहिता ने की आत्महत्या

सिरसा। भारत नगर निवासी एक विवाहिता ने गत दिवस जहरीली दवा का सेवन कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है। महिला को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां देर रात उसकी मौत हो गई। 
मिली जानकारी के अनुसार पंजाब निवासी पूजा ने कुछ समय पहले भारत नगर निवासी संदीप के साथ प्रेम विवाह किया था। संदीप कबाड़ की एक दुकान पर कार्य करता था और उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। बताया जा रहा है कि पूजा इसी कारण परेशान रहती थी। गत दोपहर उसने घर में रखी जहरीली दवा का सेवन कर लिया। उसे सामान्य अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे रैफर कर दिया गया। परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर गए जहां देर रात पूजा का दम टूट गया। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मरग दर्ज कर ली है। 

ग्रामीणों ने सड़क से गाद हटाने को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

सिरसा। गांव केलनिया के ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर गांव की सड़क पर जमा गंदे पानी से निकाली गई गाद को हटाने  की मांग की है। 
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में सरपंच, नंबरदार प्रमोद, शंकर लाल, रूपराम, राजकुमार, त्रिलोक चंद, रमेश कुमार, सुनील, सुरजीत, महेंद्र, जयमल राम, रामलाल पंच, सुमन रानी, माया देवी आदि ने बताया कि उनके गांव केलनिया की ओर शहर के सीवरेज का गंदा पानी जाता है। कुछ समय पहले  संबंधित विभाग द्वारा उसकी सफाई करके गाद निकाली गई है। सफाई कर्मचारियों द्वारा गाद निकालकर सड़क पर डाल दी गई है, जिससे सड़क संकीर्ण हो गई और यातायात बाधित हो गया है। उन्होंने बताया कि बरसात के समय में गाद से सड़क पर फिसलन हो जाती है। इस फिसलन से बाइक सवार अकसर गिर जाने से चोटग्रस्त हो जाते हैं। गाद सूख जाने के बाद यह वाहनों से हवा में उड़ती है जो कि राहगीरों के आंखों में जलन होती है। यह श्वास द्वारा शरीर में जाने से स्वास्थ्य के लिए घातक होती है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि इस सड़क पर पड़ी गाद को हटाया जाए। 

वन मजदूरों ने दिया धरना

सिरसा। वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा के बैनर तले वन मजदूरों ने शुक्रवार को एक दिवसीय धरना देकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेंद्र फतेहपुरिया ने की। 
जिला प्रधान राजेंद्र फतेहपुरिया ने कहा कि हरियाणा सरकार आए दिन नईनई घोषणा तो करती है लेकिन उसे लागू कहीं भी नहीं करती। हरियाणा सरकार ने मजदूरों का न्यूनतम वेतन 8100 रुपए किया और उसका पत्र भी दो जून को जारी कर दिया लेकिन उसको किसी भी सरकारी विभााग में कहीं भी लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन तो दे रखा है लेकिन उनको पक्का नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते इन मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो इस आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा। धरने को कुलदीप सिंह, रामपाल, सुभाषचंद, बंतो देवी, महेंद्र सिंह, मुंशीराम, राजकुमार, वीरचंद, जोगिंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया। 

विद्यार्थियों ने की नारेबाजी

सिरसा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले नेशनल कॉलेज के छात्रों ने शुक्रवार को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय परिसर में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। 
प्रदर्शनकारी छात्रों सुमित, सुनील हिमांशु, रजत आदि ने बताया कि नेशनल कॉलेज द्वारा उनकी बीए प्रथम वर्ष व तृतीय वर्ष की डीएमसी नहीं दी जा रही। वहीं ऑन लाइन दाखिला प्रक्रिया के तहत फार्म जमा करवाने के लिए विद्यार्थियों को काफी दिक्कतें झेलनी पडती हैं क्योंकि बैंकों में लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। उन्होंने बताया कि रिवेल्यूवेशन के परीक्षा परिणाम भी नहीं आए हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

राजनीति से प्रेरित है मेरे खिलाफ मामला:केडिया

सिरसा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश संगठन सचिव एवं सनातन धर्म सभा के कार्यकारी अध्यक्ष नवीन केडिया ने कहा कि गत छह जुलाई को हिसार रोड गली गांधी नर्सिंग होम वाली में हुए घटनाक्रम में नगर परिषद के ईओ बीएन भारती द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद व राजनीति से प्रेरित है। राजनैतिक विरोधियों ने उनकी लोकप्रियता को ठेस पहुंचाने के लिए षडयंत्र रचा है। 
वे शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। केडिया ने कहा कि वह विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं तथा कभी भी किसी के खिलाफ अभद्र व्यवहार व आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। उन्होंनें कहा कि नगर परिषद ईओ सिरसा के शांत एवं सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण को बिगाडऩे का कुप्रयास कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन वे जब गांधी नर्सिंग होम वाली गली में पहुंचें, उस समय तक गली में अदालत के आदेश पर अतिक्रमण हटावाने आए प्रशासनिक खिलाड़ी, जिनमें डयूटी मजिस्टे्रट तहसीलदार ओपी बिश्रोई, नायब तहसीलदार, कांग्रेसी नेता भूपेश मेहता आदि वापस जा रहे थे जबकि नगर परिषद ईओ बीएन भारती भी गाड़ी में बैठ रहे थे। 
केडिया ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों ने गली में चबूतरे तोडऩे के साथ साथ गली में लोगों की सीवरेज लाइन, पेयजल आपूर्ति व पिल्लर आदि तोड़ दिए। उन्होंनें नगर परिषद ईओ को सीवरेज टंकियां व पानी सप्लाई लाइनें दुरूस्त करवाने को कहा। ईओ ने इसे स्वीकार भी किया तथा उन्होंनें अपने विभाग के एमई, जेई को सीवरेज टंकियां व पानी सप्लाई लाइनें दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए थे। एमई ने लिखित में गलती स्वीकारी थी तथा दो दिन के अंदर इन्हें दुरूस्त करवाने का आश्वासन दिया था। इस घटनाक्रम के बाद वे गांव फूलकां में अपने रिश्तेदार की शादी में चले गए। इस दौरान शाम सात बजे उन्हें पता चला कि नगर परिषद में मीटिंग चल रही है, जिसके बाद  राजनैतिक षडयंत्र के तहत उनके खिलाफ शहर थाना में शिकायत दे दी गई कि उन्होंनें सरकारी कार्य में बाधा डाली है व जातिसूचक गालियां व अभद्र व्यवहार किया है। केडिया ने बताया कि सच्चाई यह है कि जब डयूटी मजिस्टे्रट ही वहां से जा चुके थे, नगर परिषद की जेसीबी मशीन बंद पड़ी थी तथा अधिकतर लोग जा चुके थे तो ऐसे में उन्होंनें कहां सरकारी कार्य में बाधा डाली है। वहीं वे स्वयं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए है तथा सभी धर्मों व जातियों के लोगों से जुड़े रहते हैं। इस अवसर पर सुभाष मेहरा, शीलू वाल्मीकि, राजकुमार निरंकारी, बणी सिंह कानूनगो, धर्मपाल खोखर, किशोर वाल्मीकि, शंकर वाल्मीकि, खन्ना वाल्मीकि, राजकरण गंगा आदि उपस्थित थे।

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